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छत्तीसगढ़

संघर्ष से समृद्धि तक: कठिनाइयों को हराकर रची सफलता की प्रेरक कहानी

       रायपुर। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बीच जीवन यापन करने वाली गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की सकोला तहसील के ग्राम पंचायत मडई की सुश्री ओमबती आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बन गई हैं। अपने आत्मविश्वास, मेहनत की बदौलत उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी स्थापित की है।

       ओमबती के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन तब आया, जब वे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ीं। इस मिशन ने उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए, साथ ही आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और प्रोत्साहन भी दिया। जयानी जलाक्षी स्वसहायता समूह की सक्रिय सदस्य के रूप में ओमबती ने समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर लघु उद्यमों की शुरुआत की। प्रारंभिक चरण में उन्होंने महुआ लड्डू, नारियल लड्डू एवं मशरूम उत्पादन जैसे व्यवसाय अपनाए। उनकी मेहनत और उत्पादों की गुणवत्ता के चलते स्थानीय बाजारों में इनकी मांग लगातार बढ़ती गई।

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