
मैनपुर। मैनपुर में एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े करने वाली एक तस्वीर निकल कर आई है। मैनपुर ब्लॉक के उरमाल के एक आश्रित पारा में छोटे से निर्माणाधीन मकान में निजी क्लिनिक का संचालन बगैर किसी अनुमति से सालों से हो रहा है। यहां सुबह से सरकारी अस्पताल से भी ज्यादा भीड़ लगती है।
जंग लगे टेलीस्कोप से खून जांच हो या चेकअप और फिर हर मर्ज के लिए दो से तीन इंजेक्शन ठोंक देने का काम एक ही व्यक्ति द्वारा करते देखा जा सकता है। अवैध क्लिनिक का संचालन करने वाला यह शख्स बेलोचन प्रधान है जो मूलतः ओडिसा का कटक जिले का रहने वाला है। इसके पास किसी भी पैथी से उपचार की कोई भी डिग्री नहीं है, इलाज सस्ते में करता है
इंजेक्शन मिलने वाले तात्कालीन राहत और भविष्य में होने वाले दुष्परिणाम से अंजान लोगो की भीड़ यहां लगी रहती है, अपने उपचार के तरीके और सस्ते इलाज का गुमान इस शख्स को है। आदिवासी ब्लॉक मैनपुर में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण इस अंचल में नियम कायदे को ताक में रखकर संचालित झोला छाप पर ग्रामीण आश्रित हैं



