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छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

पत्रकार पर जानलेवा हमला: फरार मुख्य आरोपी ने अदालत में किया आत्मसमर्पण

पांच आरोपी पहले ही गिरफ्तार, पुलिस की बढ़ती दबिश के बाद मुख्य साजिशकर्ता ने दुर्ग न्यायालय में किया समर्पण

       दुर्ग। थाना उतई में दर्ज अपराध क्रमांक 266/2024 धारा 333, 109, और 3 (5) बी.एन.एस. के तहत पत्रकार किशन हिरवानी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में भावेश साहू निवासी खोपली, भुवनेश्वर आग्नेकर, ऋषि ठाकुर और राकेश मारकण्डे निवासी गोंडपेण्ड्री, तथा यतीश चन्द्राकर निवासी खोपली शामिल हैं। इन्हें 5 सितंबर 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से बचने की कोशिश

       इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता देवानंद साहू उर्फ देवा, पिता राजकुमार साहू, निवासी अचानकपुर, थाना उतई, जिला दुर्ग, घटना के बाद से ही गिरफ्तारी के डर से फरार था। पुलिस से बचने के लिए देवानंद लगातार छिपता रहा और गिरफ्तारी से बचने के लिए कई ठिकानों पर रह रहा था।

       थाना उतई पुलिस और एसीसीयू की टीम लगातार आरोपी देवानंद साहू की तलाश में जुटी रही। पुलिस ने देवानंद के संभावित ठिकानों पर कई बार छापेमारी की और उसे पकड़ने के लिए कई प्रयास किए। पुलिस की बढ़ती दबिश और कार्रवाई से घबराकर, आखिरकार देवानंद साहू ने 11 सितंबर 2024 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

       देवानंद साहू को माननीय जे.एम.एफ.सी. न्यायालय पाटन, जिला दुर्ग में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद, आरोपी को केंद्रीय जेल दुर्ग में भेज दिया गया।

पुलिस की लगातार कार्रवाई

       इस मामले में पुलिस की तत्परता और एसीसीयू की टीम की सतत निगरानी के चलते पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी देवानंद साहू की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही थी, जिसके कारण वह फरार रहने के बावजूद अंततः अदालत में आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर हुआ।

       इस हमले के मामले में पुलिस की लगातार कार्रवाई और तत्परता ने न्यायिक प्रक्रिया को तेज किया है, जिससे आरोपियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

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