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बस किराया वृद्धि से बिजली बिल तक, दीपक बैज ने साय सरकार को घेरा; भर्ती परीक्षाएं स्थगित होने पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई, अतिरिक्त बिजली प्रभार, पटवारी हड़ताल और युवाओं की भर्ती को लेकर सरकार पर साधा निशाना; सहकारी समितियों की खरीद व्यवस्था में बदलाव पर भी जताई आपत्ति

       रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर महंगाई, बस किराया वृद्धि, बिजली बिल में अतिरिक्त प्रभार, पटवारी हड़ताल और भर्ती परीक्षाओं में देरी को लेकर निशाना साधा है। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों से आम जनता, किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों और युवाओं की परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने बस किराया वृद्धि वापस लेने, बिजली बिलों में लगाए जा रहे अतिरिक्त प्रभार की समीक्षा करने और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने की मांग की।

बस किराया बढ़ाने को बताया जनता पर आर्थिक बोझ

       दीपक बैज ने कहा कि एक साल के भीतर दूसरी बार बस किराया बढ़ाए जाने से आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि साधारण बसों के किराये में 75 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है और स्लीपर, एसी, सेमी-स्लीपर तथा लग्जरी बसों का सफर भी महंगा हो गया है।

       कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बसें आम लोगों, मजदूरों, किसानों और विद्यार्थियों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में किराया बढ़ने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के घरेलू बजट पर असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से किराया वृद्धि का फैसला तत्काल वापस लेने की मांग की।

       बैज ने खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और बिजली की कीमतों का उल्लेख करते हुए महंगाई के लिए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। ये आरोप कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं।

बिजली बिल में अतिरिक्त प्रभार पर सवाल

       कांग्रेस अध्यक्ष ने बिजली उपभोक्ताओं से कथित तौर पर अतिरिक्त कोयला प्रभार वसूले जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि अक्टूबर महीने में कुछ उपभोक्ताओं के बिजली बिल के अतिरिक्त 300 से 1,000 रुपये तक का प्रभार लगाया गया है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में बिजली बिल जमा करने के बावजूद अतिरिक्त प्रभार का भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

       बैज ने कहा कि बिजली आम लोगों की बुनियादी जरूरत है और बिलों में अतिरिक्त शुल्क लगने से परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने बिजली दरों में बढ़ोतरी और विद्युत ईंधन अधिभार को लेकर भी सरकार की आलोचना की।

       उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली दरों में कई बार वृद्धि हुई है। कांग्रेस ने बिजली बिलों और अतिरिक्त शुल्कों की व्यवस्था की समीक्षा करने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है। हालांकि, बिजली दरों में कुल वृद्धि और अतिरिक्त प्रभार से संबंधित आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

पटवारी हड़ताल से धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका

       दीपक बैज ने प्रदेशभर में पटवारियों की तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जारी हड़ताल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धान खरीदी का समय नजदीक है और पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं में पटवारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर किसानों को परेशानी हो सकती है।

       उन्होंने सरकार से पटवारियों की मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने और हड़ताल समाप्त कराने की मांग की। बैज ने कहा कि यदि पोर्टल या प्रशासनिक प्रक्रिया में तकनीकी समस्याएं हैं, तो सरकार को उनका समाधान करना चाहिए, ताकि धान खरीदी की तैयारियां प्रभावित न हों।

भर्ती परीक्षाएं स्थगित होने पर युवाओं की चिंता का मुद्दा

       कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) की एसआई और सूबेदार भर्ती परीक्षा स्थगित होने का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि इससे पहले पीएससी-2025 के साक्षात्कार स्थगित होने और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में देरी की खबरें भी सामने आई हैं।

       बैज ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं के बार-बार स्थगित होने और परिणामों में देरी से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में लगभग 1.10 लाख पद खाली हैं और सरकार को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।

       कांग्रेस ने लंबित परीक्षाओं और परिणामों के लिए स्पष्ट समय-सारिणी जारी करने तथा रिक्त पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने की मांग की।

सहकारी समितियों की खरीद व्यवस्था पर भी आपत्ति

       दीपक बैज ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के लिए तिरपाल, कैप कवर, कैमरा और सुतली जैसी सामग्रियों की खरीद व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपेक्स बैंक के माध्यम से केंद्रीकृत टेंडर प्रक्रिया अपनाने से स्थानीय सहकारी समितियों और छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

       बैज ने दावा किया कि इस बदलाव से गुजरात की कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचने की आशंका है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समितियों की स्वायत्तता और स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए। इन आरोपों पर संबंधित विभाग या सरकार की प्रतिक्रिया प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

सरकार से फैसलों की समीक्षा करने की मांग

       कांग्रेस ने बस किराया वृद्धि वापस लेने, बिजली उपभोक्ताओं के अतिरिक्त प्रभार संबंधी शिकायतों की जांच कराने, पटवारी हड़ताल का समाधान निकालने, भर्ती परीक्षाओं को समय पर कराने और सहकारी समितियों की खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

       प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि सरकार को आम जनता की आर्थिक परेशानियों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ निर्णय लेना चाहिए। वहीं, इन आरोपों और मांगों पर राज्य सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर संबंधित विषयों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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