
ईज माय ट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी के 59.6 करोड़ रुपए के शेयर अटैच; अब तक 1,885 करोड़ की संपत्ति जब्त होने की जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन सट्टे से हासिल कथित अवैध कमाई को शेयर बाजार में निवेश किए जाने का दावा किया है। जांच के तहत ईज माय ट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी से जुड़े 59.6 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर अटैच किए गए हैं। एजेंसी की कार्रवाई के बाद मामले में शेयर बाजार के जरिए पैसों के लेन-देन की जांच भी चर्चा में है।
निशांत पिट्टी के शेयर अटैच
ED के मुताबिक, इस मामले में निशांत पिट्टी के 59.6 करोड़ रुपए के शेयर अटैच किए गए हैं। एजेंसी महादेव नेटवर्क से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और पैसों के निवेश के रास्तों की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, महादेव सट्टा मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी की कार्रवाई में करीब 1,885 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की कोशिश
मामले के प्रमुख प्रमोटर बताए जा रहे सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया भी जांच एजेंसियों के स्तर पर जारी है। मामले में दाखिल पांचवें पूरक आरोप-पत्र में 42 नए आरोपियों और कंपनियों को शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव सट्टा नेटवर्क का कुल कारोबार 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है। हालांकि, नेटवर्क के वास्तविक आकार और पैसों के प्रवाह को लेकर जांच अभी जारी है।
कैसे चलता था महादेव सट्टा नेटवर्क?
जांच के मुताबिक, महादेव ऐप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और तीन पत्ती समेत कई खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। नेटवर्क कथित तौर पर पैनल और फ्रेंचाइजी सिस्टम के जरिए संचालित किया जाता था।
ईडी की जांच में हवाला और अन्य माध्यमों से पैसों के लेन-देन के आरोप भी सामने आए हैं। पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच की जा रही है। एजेंसी अब कथित सट्टे की कमाई को अलग-अलग माध्यमों से निवेश करने और उसकी परतें खोलने में जुटी है।



