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छत्तीसगढ़

लोकल फॉर वोकल एवं स्वावलंबी भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण




रायपुर :मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिलमुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने श्री पांडेय को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्री पांडेय ने लंबे समय से संगठन में कार्य किया है। उनकी कुशल संगठन क्षमता के बारे में हम सभी अवगत हैं। निश्चित ही अब उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘स्वावलंबी भारत’ के निर्माण एवं स्थानीय रोजगार सृजन में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। उन्होंने शासकीय भवनों से लेकर ट्रेनों तक में खादी वस्त्र की उपयोगिता को बढ़ावा दिया है। वे कहते हैं कि खादी हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे हर वर्ष एक बार स्वयं दुकान जाकर खादी का वस्त्र खरीदते हैं और पहनते हैं। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के पास राष्ट्रीय बांस मिशन का भी कार्य है।उन्होंने कहा कि आज बांस से न केवल गुलदस्ते, ट्री गार्ड, बल्कि क्रैश बेरियर तक बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के एक गांव का उल्लेख किया, जहाँ बांस के ऊंचे मीनार और क्रैश बेरियर बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे, तब महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें बांस से निर्मित गुलदस्ता भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों में रंगों का उपयोग किया जाए, तो उनका आकर्षण और मूल्य दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उत्पादों को अधिक आकर्षक और बाज़ार योग्य बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि बोर्ड इस दिशा में आगे बढ़ेगा।







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