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छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा — 49 दिन चलेगा अभियान, ‘डिजिटल अरेस्ट’ से सेल्फी तक पर नजर

       दुर्ग। छत्तीसगढ़ में अब साइबर अपराधियों के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस थानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर नागरिक को साइबर प्रहरी बनाने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ पुलिस 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में “साइबर जागृति अभियान” चलाने जा रही है। 49 दिनों के इस अभियान का मकसद लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, UPI फ्रॉड और डेटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करना है।

       अभियान की सबसे खास पहल है “साइबर जागृति की एक सेल्फी”। पुलिस द्वारा जारी लिंक या QR Code को स्कैन कर नागरिक जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर ले सकेंगे और उसे सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। यानी एक सेल्फी सिर्फ तस्वीर नहीं होगी, बल्कि साइबर सुरक्षा का संदेश हजारों लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

       अभियान को सात सप्ताह में अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाया जाएगा। पहले सप्ताह स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और बेसिक साइबर सुरक्षा पर जागरूकता होगी। दूसरे सप्ताह बैंक और वित्तीय संस्थानों में UPI और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव बताया जाएगा। तीसरे सप्ताह वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के खतरों से सावधान किया जाएगा।

       चौथे सप्ताह महिलाओं के बीच स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग, पांचवें सप्ताह युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग, जबकि छठे सप्ताह डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया सुरक्षा पर अभियान चलेगा। सातवें सप्ताह ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर “साइबर मुक्त छत्तीसगढ़” संकल्प अभियान आयोजित होगा।

       दुर्ग पुलिस ने सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, शिक्षण संस्थानों, कलाकारों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। 15 अगस्त से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलने वाला यह अभियान एक संदेश दे रहा है—साइबर अपराध से बचाव में सबसे मजबूत सुरक्षा दीवार जागरूक नागरिक ही हैं।

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