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छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

पोषण माह पर ग्राम गोड़ी में स्वास्थ्य व पोषण जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों को कराया गया स्वर्ण प्राशन

6 माह के बच्चों को कराया गया स्वर्ण प्राशन, अन्नप्राशन से बच्चों के पहले अन्न का संस्कार

गर्भवती महिलाओं की हुई गोद भराई, वितरित हुआ पोषक आहार

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. अलका रंगसे ने बताया स्वर्ण प्राशन का महत्व

जनप्रतिनिधियों और सुपरवाइजर की उपस्थिति में हुआ आयोजन

ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से पोषण माह की भावना को मिली मजबूती

       अहिवारा, दुर्ग। पोषण माह के अवसर पर धमधा ब्लॉक के ग्राम गोड़ी में आयुष्मान आरोग्यं गोदी की ओर से स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता से जुड़ा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विविध गतिविधियाँ की गईं।

स्वर्ण प्राशन और अन्नप्राशन की परंपरा को दिया गया महत्व
       इस आयोजन में 6 माह की आयु के बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया, जो बच्चों की शारीरिक और मानसिक रोग प्रतिरोधक क्षमता, स्मरण शक्ति और समग्र विकास के लिए लाभकारी माना जाता है। साथ ही छोटे बच्चों को अन्नप्राशन भी कराया गया।

गोद भराई और पोषक आहार वितरण
      गर्भवती महिलाओं की गोद भराई का कार्यक्रम जनपद सदस्य श्रीमती एकता साहू की उपस्थिति में संपन्न हुआ। वहीं, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर श्रीमती कुसुम वर्मा की निगरानी में बच्चों को पोषक आहार का वितरण किया गया। माताओं को भी पौष्टिक आहार दिया गया, जिससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण मिल सके।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की जानकारी
       आयुर्वेद चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. अलका रंगसे ने स्वर्ण प्राशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह द्रव्य मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी होता है। यह कार्यक्रम हर माह पुष्य नक्षत्र के दिन आयोजित किया जाता है।

सक्रिय सहभागिता
       इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पोषण माह की भावना और उद्देश्य को सार्थकता मिली।

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