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छत्तीसगढ़

मौत को दी मात चिरायु योजना से दिव्या को मिला नया जीवन

       रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित चिरायु योजना (आरबीएसके) जरूरतमंद बच्चों के लिए संजीवनी सिद्ध हो रही है। यह योजना न केवल गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराकर उनके जीवन में नया उजाला भी ला रही है। इसका जीवंत उदाहरण कोरबा विकासखंड के ग्राम मंडीपारा, भैंसमा निवासी कुमारी दिव्या खड़िया है।

       कुमारी दिव्या खड़िया, पिता श्री श्रवण कुमार खड़िया, प्राथमिक शाला में कक्षा दूसरी की छात्रा है। उसे बचपन से ही चलने-फिरने, खेलकूद करने और सामान्य गतिविधियों के दौरान सांस फूलने की समस्या रहती थी। इस स्थिति से उसके माता-पिता और शिक्षक लगातार चिंतित रहते थे। विद्यालय में चिरायु योजना की टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान दिव्या की जांच की गई, जिसमें उसके हृदय की धड़कन अन्य बच्चों की तुलना में असामान्य पाई गई।
चिरायु टीम द्वारा दिव्या के माता-पिता को हृदय में छेद होने की संभावना से अवगत कराया गया। यह जानकारी सुनकर माता-पिता चिंतित हो उठे और उपचार व खर्च को लेकर परेशान हो गए। टीम के चिकित्सकों ने उन्हें शासन की चिरायु योजना के बारे में जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि इस योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की जांच एवं उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया जाता है।

       माता-पिता की सहमति से दिव्या का चिरायु योजना के तहत 21 अक्टूबर 2025 को वी.वाई. अस्पताल में हृदय का निःशुल्क ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराया गया। ऑपरेशन के बाद दिव्या अब पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य बच्चों की तरह पढ़ाई एवं खेलकूद करते हुए खुशहाल जीवन जी रही है। दिव्या के पिता श्री श्रवण कुमार खड़िया ने बेटी के स्वस्थ होने पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, चिरायु योजना एवं चिरायु टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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