विजयपत सिंघानिया का निधन: रेमंड के पूर्व चेयरमैन के पीछे छोड़ी बड़ी संपत्ति

रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। परिवार ने शनिवार को इस खबर की पुष्टि की। उनके निधन के बाद इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उन्होंने अपने दौर में रेमंड को एक मजबूत और भरोसेमंद ब्रांड बनाया। उनका सफर सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एविएशन और सामाजिक कामों में भी उनका योगदान काफी अहम माना जाता है।
बेट गौतम सिंघानिया ने दी जानकारी
उनके बेटे और मौजूदा चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने अपने पिता को विजनरी लीडर, फिलैंथ्रोपिस्ट और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया। गौतम ने कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। परिवार के मुताबिक, उनका अंतिम संस्कार रविवार को मुंबई के चंदनवाड़ी में किया जाएगा। वह अपने पीछे पत्नी आशा देवी सिंघानिया और बच्चों को छोड़ गए हैं।
रेमंड को भरोसेमंद ब्रांड बनाने में अहम रोल रहा
विजयपत सिंघानिया का जन्म 4 अक्टूबर 1938 को हुआ था। उन्होंने 1980 में रेमंड ग्रुप की कमान संभाली और इसे एक पावरफुल ब्रांड में बदल दिया। उनके लीडरशिप में कंपनी ने टेक्सटाइल सेक्टर में नई पहचान बनाई। उन्होंने लगभग दो दशकों तक कंपनी काे लीड किया और 2000 में अपने बेटे गौतम को जिम्मेदारी सौंप दी। यह दौर रेमंड के विस्तार और मजबूती के लिए अहम माना जाता है।
बिजनेसमैन के साथ ही शानदार एविएटर भी थे
विजयपत सिंघानिया सिर्फ बिजनेसमैन ही नहीं, बल्कि एक शानदार एविएटर भी थे। उन्होंने हॉट एयर बैलून से सबसे ज्यादा ऊंचाई तक पहुंचने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। 2006 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके जीवन में कई ऐसे मुकाम आए जिन्होंने उन्हें अलग पहचान दी और वह कई क्षेत्रों में प्रेरणा बनकर उभरे।
बेटे के साथ कानूनी विवाद सुर्खियों में रहा
विजयपत और उनके बेटे गौतम सिंघानिया के बीच 2015 से कानूनी विवाद चल रहे थे। यह मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा। हालांकि 2024 में दोनों के बीच सुलह हो गई थी। इससे पहले विजयपत ने कंपनी में अपनी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेटे को ट्रांसफर कर दी थी।



