
रायपुर। रायपुर की सांस्कृतिक धड़कनों के बीच सोमवार को पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक सरोकारों का एक ऐसा संगम दिखाई दिया, जहां शब्द केवल समाचार नहीं रहे, बल्कि संवेदनाओं और जिम्मेदारियों का स्वर बनकर गूंजते रहे। छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित महर्षि नारद जयंती सप्ताह कार्यक्रम राजधानी रायपुर में दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र वृंदावन हॉल में और द्वितीय सत्र स्पीकर हाउस के साहित्यिक हॉल में आयोजित किया गया, जहां प्रदेशभर से आए पत्रकारों की उपस्थिति ने आयोजन को एक व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
द्वितीय सत्र में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा ने की, जबकि मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सभागार में बस्तर से लेकर सरगुजा तक के ग्रामीण पत्रकारों की उपस्थिति ने यह अहसास कराया कि पत्रकारिता केवल शहरों की चकाचौंध तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों की धूल, संघर्ष और उम्मीदों से भी गहराई से जुड़ी हुई है। इस अवसर पर ग्रामीण पत्रकारों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पत्रकारिता को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा के पत्रकारों ने नक्सलवाद की भयावहता को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्ति की ओर अग्रसर है और समय आ गया है कि बस्तर की पहचान अब संघर्ष नहीं, बल्कि विकास और संभावनाओं से हो।
उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि नक्सलवाद और सलवा जुडूम जैसे संवेदनशील विषयों पर निष्पक्ष लेखन हो, ताकि उन परिवारों के दर्द को भी समाज समझ सके जिन्होंने हिंसा में अपने प्रियजनों को खोया है। उनके शब्दों में अनुभव की गंभीरता और संवेदना की गूंज स्पष्ट महसूस हुई।
डॉ. रमन सिंह ने स्पीकर हाउस के साहित्यिक हॉल को पत्रकारों और साहित्यकारों के लिए सदैव खुला मंच बताते हुए कहा कि यहां पुस्तक विमोचन से लेकर साहित्यिक संवाद तक की गतिविधियां निरंतर आयोजित की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने महर्षि नारद को भारतीय पत्रकारिता का आदिपुरुष बताते हुए रामायण काल का उल्लेख किया। उन्होंने हनुमान जी द्वारा लंका जाकर माता सीता के समाचार लाने के प्रसंग को पत्रकारिता की प्राचीन परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि संवाद और सूचना का दायित्व भारतीय संस्कृति में सदैव सम्मानित रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द अवस्थी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि डॉ. रमन सिंह ने सदैव पत्रकारों को परिवार का सदस्य मानकर उनके सुख-दुःख में साथ निभाया है। उन्होंने पत्रकार हित में संचालित योजनाओं का भी उल्लेख किया।
प्रथम सत्र में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने पत्रकारों को समाज का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि राष्ट्रवाद, समाज सुधार और जागरूकता की भावना को मजबूत करने में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मोबाइल के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए परिवारों के टूटते संबंधों पर भी विचार रखा और कहा कि कम से कम एक समय परिवार के साथ भोजन अवश्य करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरी शंकर श्रीवास ने कहा कि पत्रकार केवल श्रमजीवी नहीं, बल्कि स्वाभिमानी भी होते हैं, जो विषम परिस्थितियों में भी समाज तक सत्य पहुंचाने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन राजेश मिश्रा ने किया तथा आभार प्रदर्शन महासचिव विश्वदीपक राय ने किया। आयोजन के दौरान प्रदेशभर से आए पत्रकारों, जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों की उपस्थिति ने इसे पत्रकारिता जगत का एक जीवंत महाकुंभ बना दिया, जहां संवाद, साहित्य और सामाजिक चेतना एक साथ स्पंदित होती दिखाई दी।



