Mumbai to Pune in 25 minutes What is Hyperloop system video shared by ashwini vaishnaw

आईआईटी मद्रास में बनाए गए हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक की कुल लंबाई 410 मीटर है। केंद्रीय मंत्री ने इस काम के लिए प्रोजेक्ट से जुड़ीं सभी टीमों की तारीफ की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य की इस तकनीक को भारत जल्द साकार कर पाएगा।
इस टेस्ट ट्रैक को इंडियन रेलवे, आईआईटी मद्रास की आविष्कार हाइपरलूप टीम और टुट्र हाइपरलूप (TuTr Hyperloop) ने मिलकर बनाया है। टुट्र हाइपरलूप एक स्टार्टअप है, जिसे IIT मद्रास के छात्रों ने बनाया है।
Watch: Bharat’s first Hyperloop test track (410 meters) completed.
???? Team Railways, IIT-Madras’ Avishkar Hyperloop team and TuTr (incubated startup)
????At IIT-M discovery campus, Thaiyur pic.twitter.com/jjMxkTdvAd
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) December 5, 2024
हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक को क्यों बनाया गया है? दरअसल इसका मकसद हाई-स्पीड, किफायती, भरोसेमंद और टिकाऊ ट्रांसपोर्टेशन के लिए हाइपरलूप टेक्नॉलजी का डेवलपमेंट और उनका कमर्शलाइजेशन करना है। भारतीय रेलवे और आईआईटी मद्रास मिलकर इससे जुड़ी टेक्नॉलजी डेवलप करने पर काम कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक को पहली बार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर टेस्ट किया गया। अब लंबे ट्रैकों पर टेस्ट की तैयारी है ताकि 600 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड तक पहुंचा जा सके। अगर यह तकनीक कामयाब हुई तो भारत के शहरों में ट्रांसपोर्टेशन का तरीका बदल सकता है। यह मेट्रो ट्रेन सिस्टम के साथ-साथ काम कर सकता है।
हाइपरलूप ट्रेन सिस्टम की एक खूबी है कि यह दो डेस्टिनेशंस के बीच में नहीं रुकती। आसान भाषा में कहें तो एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक बिना रुके जाती है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत की पहली हाइपरलूप ट्रेन मुंबई और पुणे के बीच चलेगी। इससे मुंबई और पुणे का सफर सिर्फ 25 मिनटों में पूरा होने की उम्मीद है। दोनों शहरों की दूरी करीब 150 किलोमीटर है।



