ईरान के नए सुप्रीम लीडर पर सियासी तूफान, पहले बयान के बाद नेतन्याहू का बड़ा हमला

तेहरान / तेल अवीव। ईरान में सत्ता के शीर्ष पद को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान ने पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के उत्तराधिकारी के रूप में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना है। यह घोषणा रविवार को की गई, लेकिन चयन के बाद से मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
पहला बयान, लेकिन कैमरे पर नहीं आए
नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद मोजतबा खामेनेई का पहला बयान ईरानी सरकारी टीवी के माध्यम से सामने आया। यह बयान स्वयं उनके द्वारा नहीं, बल्कि एक समाचार एंकर द्वारा पढ़ा गया।
बयान में उन्होंने क्षेत्रीय तनाव के बीच कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने, “शहीदों” का बदला लेने और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखने की नीति पर ईरान कायम रहेगा। हालांकि इस बयान के दौरान भी मोजतबा खामेनेई कैमरे पर दिखाई नहीं दिए।
नेतन्याहू का तीखा हमला
मोजतबा खामेनेई के बयान के कुछ ही घंटों बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन पर तीखा हमला बोला। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान का नया सुप्रीम लीडर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की “कठपुतली” है और वह सार्वजनिक रूप से अपना चेहरा तक नहीं दिखा सकता।
इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि हाल के हमलों में ईरान के कई शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान की नीति और अधिक आक्रामक हो सकती है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दिए गए संकेतों से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान का नया नेतृत्व आने वाले दिनों में किस तरह की रणनीति अपनाता है और क्षेत्रीय राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।



