एनपीएस और ओपीएस को लेकर छत्तीसगढ़ के विभागों में हलचल, मत कीजिए ये गलती

- पुराने पेंशन योजना एवं पेंशन प्रकरण बनाए जाने हेतु संभाग स्तरीय कार्यशाला का किया गया आयोजन।
- पुराने पेंशन योजना के तहत पेंशन प्रकरण तैयार कर पेंशन भुगतान में होने वाले विलंब को गंभीरता से लेते हुए इस पर गति लाने हेतु निर्देशित किया गया।
सूचनाजी न्यूज, दुर्ग। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा पुराने पेंशन योजना को लागू करते हुए एक नवम्बर 2004 से लेकर 31 मार्च 2022 तक के नियुक्त कर्मचारियों को पुराने पेंशन योजना के लाभ दिए जाने हेतु विकल्प भरे जाने का प्रावधान किया गया था।
इसमें एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों द्वारा पुराने पेंशन योजना का विकल्प भर गया था। जिन कर्मचारियों के मृत्यु हो चुकी थी, उनके नॉमिनी के द्वारा विकल्प का चयन किया गया था। विकल्प के आधार पर पुराने पेंशन योजना के लाभ दिए जाने हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियम निर्देश जारी किया गया।
इस नियम निर्देश को आज विस्तृत रूप से समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित कर पीपीटी के माध्यम से अवगत कराया गया। प्रत्येक बिंदु पर चर्चा की गई एवं उपस्थितों से आने वाले समस्या के संबंध में भी पूछा गया । साथ ही समस्त प्रकरणों की निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।
संभागीय कोष लेख एवं पेंशन दुर्ग संयुक्त संचालक डॉ. दीवाकर सिंह राठौर ने कार्यशाला में बताया कि शासकीय सेवक/नामिनी द्वारा विकल्प का चयन कर शपथ पत्र एवं सहमति पत्र भराया जाना सुनिश्चित करें।
पुरानी पेंशन योजना को स्वीकार करने हेतु शपथ पत्र एवं पुरानी पेंशन योजना स्वीकार करने पर शासन को देय राशि के समायोजन हेतु सहमति पत्र भराना सुनिश्चित करें। कार्यशाला में पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।
जिस पेंशन प्रकरण में संयुक्त संचालक कार्यालय से आपत्ति कर डीडीओ को वापस किया गया है, उसके निराकरण हेतु तथा निराकृत कर तत्काल संयुक्त संचालक कार्यालय को भेजे जाने हेतु निर्देशित किया गया।
कोष लेखा एवं पेंशन उप संचालक देवेन्द्र चौबे ने पेंशन निराकरण के संबंध में बताया कि पेंशन प्रस्ताव में त्रुटियां होने के मुख्य कारण निर्धारित प्रपत्र में नामांकन नहीं होने तथा सर्विस बुक में पुत्र-पुत्री का नाम अंकित नहीं होना व जन्म प्रमाण पत्र संलग्न नहीं होने, पति/पत्नी की अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी जानकारी न होना, ओपीएस में ईडब्ल्यूआर/चालान सत्यापन की प्रविष्टि सेवा पुस्तिका में नहीं किया जाना, ओपीएस विकल्प संलग्न कर सेवापुस्तिका में एंट्री नहीं होना, वेतन निर्धारण की जांच कराए बिना पेंशन प्रकरण प्रस्तुत किया जाना और पेंशन/उपादान की पात्रता नहीं होते हुए भी पेंशन प्रकरण प्रस्तुत करना गलत है।
पेंशन प्रकरण तैयार करने के लिए अभिदाता के वेतन निर्धारण, अवकाश नगदीकरण, मेडिकल इत्यादि की जानकारी सर्विस बुक में इन्द्राज करना आवश्यक है।
पुराने पेंशन योजना के तहत पेंशन प्रकरण तैयार कर पेंशन भुगतान में होने वाले विलंब को गंभीरता से लेते हुए इस पर गति लाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने समस्त डीडीओ से भी आग्रह किया कि पुरानी पेंशन योजना के तहत मिलने वाले पेंशन का लाभ अभिदाता को या उनके नामिनी को अविलंब प्राप्त हो जाए। कार्यशाला में दुर्ग संभाग के सभी जिलों के विभिन्न डीडीओ, सहायक ग्रेड एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थित थे।
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