छत्तीसगढ़

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी का बजट भाषण : छत्तीसगढ़ शासन




रायपुर,इसी भूमि में आधुनिक भारत के सांस्कृतिक अग्रदूत स्वामी विवेकानंद जी ने कलकत्ता के बाद अपना सर्वाधिक समय व्यतीत किया था।
इसी भूमि में रामगढ़ की पहाड़ियों में कालिदास जी ने प्रेम के प्रतीक मेघदूत की रचना की थी।
इसी भूमि में मुकुटधर पाण्डे जी ने छायावाद की पहली कविता और माधवराव सप्रे जी ने हिन्दी की पहली कहानी लिखी।
इसी माटी की माता शबरी के स्नेह एवं निश्छल प्रेम ने तीनों लोक के अधिपति श्री राम को जूठे बेर खाने में परम तृप्ति का अनुभव कराया था।
मैं अपने ऐसे छत्तीसगढ़ की माटी को प्रणाम करता हूँ। और मेरे इस महान छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ महान जनता को भी नतमस्तक होकर राम-राम करता हूँ, जय जोहार करता हूँ।
अध्यक्ष महोदय, लोकतंत्र की बुनियाद है- भरोसा। विश्वास ही लोकतंत्र का अशोक स्तम्भ है। पिछली सरकार ने लोकतंत्र के इसी विश्वास कि हत्या की थी। इसी विश्वास को चोट पहुँचाया था। छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र के समक्ष उत्पन्न इसी भरोसे के संकट से पार पाकर हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में अपने कार्यकाल के पहले साल को “विश्वास वर्ष” के रूप में स्थापित किया। अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने पर “जनादेश परब” मनाकर जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने की हिम्मत दिखाई।

हमारी सरकार के इन्हीं ईमानदार प्रयासों के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता-जनार्दन ने बार-बार आशीर्वाद देकर अपने अटूट विश्वास को जताया है। चाहे वह लोकसभा चुनाव का समय हो, उपचुनाव का अवसर हो या स्थानीय निकाय के चुनावों में एकतरफा मुहर लगाने की बात हो। छत्तीसगढ़ की जनता ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 10 में से 10 नगर निगमों में एकतरफा जीत दलायी। EVM का बहाना बनाने वालों को मुहर लगाकर भी जनता ने जवाब दे दिया।

वहीं दूसरी ओर पूरे देश की जनता को भी मैं धन्यवाद देना चाहूंगा, जिन्होंने नरेंद्र मोदी जी के प्रभावशाली और सशक्त नेतृत्व को भी अपना अटूट विश्वास रुपी आशीर्वाद प्रदान किया है। श्री नरेंद्र मोदी जी ने भारतीय राजनीति में बहुप्रचलित एंटी-इनकम्बेंसी की राजनीतिक अवधारणा को पूरी तरह से धराशायी कर दिया और भारतीय राजनीति और दुनिया के लोकतांत्रिक देशों को एक नया शब्द दिया, वो है प्रो-इनकम्बेंसी। मोदी जी देश के मात्र दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन बार शपथ लिये हैं। 2001 के बाद लगातार 24 वर्षों तक या तो वे राज्य के प्रमुख मुख्यमंत्री या राष्ट्र के प्रमुख प्रधानमंत्री के पद पर लगातार बने हुएं हैं। इसके अलावा हाल ही में हरियाणा, महाराष्ट्र एवं दिल्ली की सफलताएं मोदी जी के प्रति भारत के विभिन्न क्षेत्रों की जनता के द्वारा प्रकट किए गए अटूट विश्वास की कहानी को लगातार दोहरा रहे हैं।

इन दोनों इंजनों के बल पर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए चल रहे विकास की गाड़ी को हाल के स्थानीय चुनावों में छत्तीसगढ़ में तीसरा इंजन मिल गया है और यह गाड़ी अब और तेज गति से दौड़ने को तैयार है।

हमारे छत्तीसगढ़ के जीवन काल की दृष्टि से यह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा राज्य अपनी रजत जयंती वर्ष मना रहा है। सन 2000 में जन्म के बाद हमारा छत्तीसगढ़ युवावस्था में पहुँच गया है। 25 वर्ष की आयु किसी व्यक्ति, संस्था या राज्य के जीवन काल में सर्वाधिक ऊर्जा का समय होता है। आज हमारे राज्य के लोगों की औसत आयु भी मात्र 24 वर्ष ही है, जो देश के लोगों की औसत आयु 28 वर्ष से भी बहुत कम है। अध्यक्ष महोदय, इन 25 वर्षों में से 15 वर्ष छत्तीसगढ़ ने आपके नेतृत्व में तीव्र प्रगति की और अब हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश को नई ऊँचाईयों तक ले जाने का काम कर रहे हैं।







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