
खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत अब शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल पर होगा फोकस
(PMKKKY-2024 के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार ट्रस्ट फंड का 70% उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में खर्च होगा)
रेत उत्खनन नियम-2025 लागू, ई-नीलामी और पर्यावरणीय मानकों को मिलेगी प्राथमिकता
(अवैध खनन पर रोक और आमजन को उचित दरों पर रेत उपलब्ध कराने की योजना)
कृषि भूमि मूल्य निर्धारण प्रणाली में सुधार, जमीन माफियाओं की अटकी चाल पर लगेगा ब्रेक
(भारतमाला व अरपा-भैंसाझार जैसे विवादों से सबक लेते हुए सटीक मूल्य निर्धारण व्यवस्था लागू)
नवा रायपुर में बनेगी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी, युवाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
(राज्य के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण, पहचान और करियर के नए अवसर खुलेंगे)
रायपुर| छत्तीसगढ़ सरकार की आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कई अहम और दूरगामी नीतिगत फैसले लिए गए। ये निर्णय राज्य के खनिज, भूमि, पर्यावरण, खेल और संसाधन प्रबंधन को प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
1. खनिज निधि का समग्र विकास में उपयोग
मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा जारी प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के तहत संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप, छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में आवश्यक संशोधन को स्वीकृति दी।
इस संशोधन के तहत, न्यास के पास उपलब्ध कुल राशि का कम से कम 70% भाग पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, महिला-बाल कल्याण, कौशल विकास, रोजगार, वृद्धजन कल्याण, कृषि और स्वच्छता जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा। इससे खनिज क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।
2. रेत उत्खनन नियमों में क्रांतिकारी बदलाव
राज्य में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब तक लागू छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत नियम 2019 और 2023 (अनुसूचित क्षेत्रों हेतु) को समाप्त करते हुए नया नियम “छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025” लागू करने का निर्णय लिया गया।
इस नियम के अंतर्गत:
रेत खदानों का आवंटन इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से किया जाएगा।
पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाएगा।
अवैध खनन पर रोक लगेगी और आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी।
राजस्व में भी वृद्धि की संभावना जताई गई है।
यह निर्णय राज्य में खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।
3. कृषि भूमि मूल्य निर्धारण प्रणाली में बदलाव
मंत्रिपरिषद ने वाणिज्य कर पंजीयन विभाग के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करते हुए, कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण में संशोधन को स्वीकृति दी है। इसके तहत:
अब 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड के स्थान पर हेक्टेयर के आधार पर मूल्य निर्धारण किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने का प्रावधान समाप्त किया गया।
शहरी सीमा से सटे ग्रामों एवं निवेश क्षेत्रों की भूमि का मूल्य वर्गमीटर में निर्धारित किया जाएगा।
यह बदलाव भारतमाला परियोजना और बिलासपुर अरपा-भैंसाझार भूमि अनियमितताओं जैसे मामलों को रोकने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
4. राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट अकादमी की स्थापना
राज्य के खेल क्षेत्र में नई उड़ान भरते हुए मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में 7.96 एकड़ भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी है। इस भूमि पर अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी स्थापित की जाएगी।
इस अकादमी की स्थापना से:
राज्य के प्रतिभावान युवाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर बढ़ेंगे।
छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
राज्य के कई क्रिकेट खिलाड़ी पहले से ही देश-विदेश में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं। अब उनके लिए स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा।
सार
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की यह बैठक नीति निर्माण, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई है। सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास के प्रत्येक क्षेत्र – खनिज, भूमि, पर्यावरण, खेल या अधोसंरचना – में सुधार और जवाबदेही अब प्राथमिकता में हैं।



