
माड़ बचाओ अभियान में 2 एरिया कमेटी सदस्य समेत 12 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
₹18 लाख इनामी नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, अपनाई मुख्यधारा
सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से नक्सलियों में जागा विश्वास
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का संकल्प
माओवाद छोड़ लोकतंत्र की ओर बढ़ते कदम
छत्तीसगढ़ सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने जगाया विश्वास। हिंसा का रास्ता छोड़कर माओवादी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे “माड़ बचाओ अभियान” के तहत सुरक्षाबलों के निरंतर…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 17, 2025
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सोशल अकाउंट पर कहा—
छत्तीसगढ़ सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियत नेल्ला नार योजना ने विश्वास जगाया है।
हिंसा का रास्ता छोड़ माओवादी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे “माड़ बचाओ अभियान” के तहत 2 एरिया कमेटी सदस्य सहित कुल ₹18 लाख के इनामी 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर ₹50 हजार से ₹5 लाख तक के इनाम घोषित थे।
आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन के लिए ₹50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं और पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएँ दी जाएँगी।
हमारी सरकार के कार्यकाल में अब तक 1704 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। यह हमारी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का प्रमाण है।
डबल इंजन की सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने और आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
नक्सलवाद का अंत – शांति, विकास और विश्वास की जीत



