वनों में स्थित आस्था स्थलों को किया जाए विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नगर वनों का उचित विकास और रखरखाव हो
नदियों के किनारों पर पौधरोपण को करें प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों के किनारों के अतिक्रमण हटाने में स्थानीय समुदाय का सहयोग लिया जाए। साथ ही स्थानीय समुदाय के आय संवर्धन के लिए पौधारोपण में औषधीय पौधों सहित उपयोगी पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर उज्जैन देवास क्षेत्र को मेट्रोपोलिटन एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है, क्षिप्रा नदी के संरक्षण की योजना तदनुसार बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने नगर वनों के उचित विकास और रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
मगरमच्छ व अन्य जलीय जीव, जल संरचनाओं के स्वस्थ इकोसिस्टम के लिए जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों और जल संरचनाओं के स्वस्थ ईकोसिस्टम को बनाए रखने में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन नदियों और जल संरचना में यह जीव अधिक संख्या में हैं, वहां से उन्हें शिफ्ट कर अन्य नदियों और जल संरचना में छोड़ा जाए। इसकी शुरुआत नर्मदा और तवा नदी से की जाए। बैठक में वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, लघु वन उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, तेंदूपत्ता बोनस वितरण आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
