लोकसभा चुनाव में उभरा ‘वोट जिहाद’: क्या यह एक नया चुनावी शब्द है?

कांग्रेस और बीजेपी के बीच नए मुद्दों की उभार: वोट जिहाद और आरक्षण
नई दिल्ली। नई दिल्ली में चुनावी महौल में तेजी से बढ़ती चर्चा है वोट जिहाद की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम ने एक जनसभा में यह बयान दिया कि वे केवल वोट जिहाद की अपील कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यही एक माध्यम है जिसके माध्यम से लोग सही नेता को चुन सकते हैं।
इस बयान के बाद, बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इसे कट्टरता से खारिज किया, कहते हुए कि लोकसभा चुनाव के बीच एक और नया शब्द ‘वोट जिहाद’ उत्पन्न हो गया है। उन्होंने इसे सांप्रदायिकता के विरुद्ध का बताया और कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को धुर्वीकरण करने के आरोपों में आक्षेप दिया।
इसके अलावा, चुनावी माहौल में आरक्षण के मुद्दे पर भी तीव्र बहस जारी है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही इस मुद्दे पर अपने-अपने पक्ष को सामने रख रहे हैं। इसके बावजूद, यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कांग्रेस को आरक्षण पर आपत्ति जताते हुए उसके विरोध में बयान दिया।
यह सभी मुद्दे चुनावी रणनीति के अंतर्गत उभरे हैं और लोकतंत्र की महत्वपूर्ण चर्चाओं का हिस्सा बन गए हैं।
