छत्तीसगढ़

कांग्रेस का गांव चलो अभियान, 5 जनवरी से 20 फरवरी तक चलेगा कार्यक्रम, ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का होगा गठन

भोपाल। कांग्रेस (Congress) 5 जनवरी से ‘गांव चलो अभियान’ की शुरुआत करेगी। यह कार्यक्रम 20 फरवरी तक पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की अगुआई में चलेगा। इस दौरान ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन होगा। वहीं कांग्रेस ने 26 हजार ग्राम पंचायतों में पहली बार कमेटी गठित का लक्ष्य रखा है।

इसे लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि जीतू पटवारी के नेतृत्व कार्यकर्ता उत्साह से भरा है। अभी हमारे पंचायत कमेटी और ग्राम कमेटियों की घोषणा भी नहीं हुई है, यह प्रक्रिया में है। लेकिन 5 हजार सिफारशी पत्र आना बताते हैं कि कहीं न कहीं कांग्रेस के पक्ष में उत्साह है। जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता उत्साहित हैं। तीन विधानसभा में ऐसा उत्साह पहले भी था जो बीते चुनाव बताते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अमरवाड़ा विधानसभा चुनाव में हम 20 राउंड जीते, 21 वे राउंड टेबल पर हराया गया। बुधनी में डेढ़ लाख की वोट और विजयपुर विधानसभा में सरकार ने सारे संसाधन खर्च कर दिए। इसके बाद विजयपुर सरकार हार गई। जनता का ध्यान भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर नहीं है। आने वाले भविष्य को कांग्रेस में देख रही है। 5000 लोगों के पत्र साधारण बात नहीं है।

रीवा में सिमरिया नगर पंचायत कांग्रेस सरकार के विरोध के बाद जीती। सिंगरौली में क्या हुआ, आने वाला समय कांग्रेस का है और कार्यकर्ता उत्साह के साथ इन सब चुनाव को लड़ने के लिए तैयार है। आने वाले समय में आपकी देखेंगे सारी समितियां जब होगी तो कांग्रेस आपको सरकार के खिलाफ सड़क पर मजबूती से लड़ती नजर जाएगी।

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और जीतू पटवारी केवल इवेंट और प्रचार प्रसार की राजनीति करते हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में उनके उम्मीदवार नहीं मिल पाए। 29 सीटों पर कांग्रेस की उम्मीदवार नहीं थे। जिला अध्यक्षों का चयन हुआ तो उनमें से दो जिला अध्यक्ष ने दो महीने के अंदर इस्तीफा दे दिया। ब्लॉक कांग्रेस की भी अधिकांश कमेटियों का गठन नहीं हो सका। ऐसे में ग्राम स्तर तक संगठन को पहुंचना यह केवल और केवल नाटक नौटंकी है। कांग्रेस दिशाहीन हो गई है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के पास न नेता है, न नियत है, न इच्छा शक्ति है। केवल और केवल प्रचार प्रसार के लिए इस तरह के झूठे आंकड़े दिए जाते हैं। जीतू पटवारी का नेतृत्व पूरी तरह विफल है।

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