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मंच पर भावनाएं, सुरों का तूफान! इंडियन आइडल 16 ने जीता करोड़ों दिल

यादों की प्लेलिस्ट पर सजी सुरों की महफ़िल: इंडियन आइडल 16 का भावनात्मक सफ़र

       मुंबई। संगीत जब स्मृतियों से टकराता है, तब वह केवल सुनाई नहीं देता — महसूस किया जाता है। इसी अनुभूति को साकार करता हुआ इंडियन आइडल का 16वां सीजन इन दिनों देशभर के संगीत प्रेमियों के दिलों में अपनी खास जगह बना रहा है।

       18 अक्टूबर 2025 से Sony Entertainment Television पर प्रसारित हो रहा यह सीजन “यादों की प्लेलिस्ट” थीम के साथ अतीत और वर्तमान के सुरों का एक भावनात्मक संगम प्रस्तुत कर रहा है।

       यह शो केवल गायन प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उन अनकही कहानियों का मंच है, जहाँ हर गीत के साथ कोई याद, कोई संघर्ष और कोई सपना जुड़ा है।

निर्णायकों की तिकड़ी: अनुभव, ऊर्जा और आधुनिकता का मेल

इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत इसकी निर्णायक मंडली है। श्रेया घोषाल, जिनकी आवाज़ भारतीय संगीत की आत्मा मानी जाती है, प्रतिभागियों के सुरों में भाव और शुद्धता तलाशती नज़र आती हैं। विशाल ददलानी, जो अपने स्पष्ट और ईमानदार फीडबैक के लिए पहचाने जाते हैं, कलाकारों को मंच की सच्चाई से रूबरू कराते हैं। वहीं बादशाह, युवा पीढ़ी की धड़कन, मंच पर आधुनिक संगीत की समझ और आत्मविश्वास का संदेश देते हैं।

       शो की मेजबानी कर रहे हैं आदित्य नारायण, जिनकी चुलबुली शैली, भावनात्मक संवाद और कलाकारों के साथ अपनापन इस मंच को और भी जीवंत बना देता है।

चयन प्रक्रिया: सपनों की कठिन परीक्षा

       इंडियन आइडल 16 में प्रतिभागियों का चयन आसान नहीं रहा। देश के कोने-कोने से आए हजारों गायकों ने ऑडिशन दिए। थिएटर राउंड्स और कई कठिन चरणों से गुजरने के बाद चुनिंदा कलाकारों को इस प्रतिष्ठित मंच तक पहुँचने का अवसर मिला।

       हर राउंड में केवल सुर नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और आत्मविश्वास की भी परीक्षा ली गई। इसी प्रक्रिया के दौरान कई प्रतिभाशाली कलाकार बाहर हुए, जिनमें अभिजीत शर्मा जैसे नाम भी शामिल रहे, जिनकी विदाई ने दर्शकों और जजों दोनों को भावुक कर दिया।

भावनाओं से सजी प्रस्तुतियाँ

       इस सीजन की खासियत रही है — पुराने गीतों की नई व्याख्या90 के दशक और उससे पहले के गीत, जब युवा आवाज़ों में ढलते हैं, तो वे केवल गीत नहीं रहते, बल्कि पीढ़ियों के बीच सेतु बन जाते हैं।

कई मंचों पर प्रतियोगियों ने अपने निजी जीवन के संघर्ष साझा किए —

       किसी ने गरीबी से लड़ते हुए संगीत को सहारा बनाया, तो किसी ने परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को जिंदा रखा।

       इन्हीं भावनात्मक पलों ने इंडियन आइडल 16 को सिर्फ शो नहीं, बल्कि अनुभव बना दिया।

सितारों की मौजूदगी से सजी शामें

       इस सीजन में बॉलीवुड के कई दिग्गज सितारों ने मंच की शोभा बढ़ाई। करिश्मा कपूर और मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकारों की उपस्थिति ने शो को एक अलग ही गरिमा दी। इन सितारों ने न केवल प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि अपने अनुभवों और यादों के जरिए “यादों की प्लेलिस्ट” को और भी गहराई दी।

नियम, पात्रता और पारदर्शिता

       इंडियन आइडल 16 केवल भावनाओं का मंच ही नहीं, बल्कि एक नियमानुसार संचालित प्रतियोगिता भी है। शो से जुड़े दस्तावेजों में प्रतिभागियों की पात्रता, आयु सीमा, कानूनी शर्तें और चयन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएँ स्पष्ट रूप से बताई गई हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

निष्कर्ष: जब संगीत समय को थाम लेता है

       इंडियन आइडल सीजन 16 यह साबित करता है कि संगीत कभी पुराना नहीं होता — वह बस नए स्वरों का इंतज़ार करता है।

       “यादों की प्लेलिस्ट” थीम के साथ यह सीजन बीते कल की खुशबू और आज की आवाज़ को जोड़ते हुए नई पीढ़ी को सपने देखने और उन्हें जीने की प्रेरणा दे रहा है। अब जब शो अपने फिनाले की ओर बढ़ रहा है, तो देश भर की निगाहें उस पल पर टिकी हैं जब सुरों की इस लंबी यात्रा से एक नाम इतिहास में दर्ज होगा — इंडियन आइडल 16 का विजेता।

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