मौत के बाद भी जिंदगी बांट गए हरीश राणा, अंगदान से बनीं कई उम्मीदें

नंदिनी-अहिवारा। देश में इच्छा मृत्यु के बाद अंगदान करने वाले Harish Rana को पत्रकार कल्याण संघ नंदिनी-अहिवारा के नेतृत्व में मोमबत्ती जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन संघ के उपाध्यक्ष Ishwar Barle के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पत्रकारों और नगरवासियों ने हिस्सा लिया।
13 साल कोमा में रहने के बाद ली अंतिम विदाई
बताया गया कि हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे। बाद में Supreme Court of India द्वारा इच्छा मृत्यु की अनुमति मिलने के बाद उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली से सम्मानपूर्वक मुक्त किया गया। उनके इस फैसले के बाद अंगदान किए जाने को एक अद्वितीय और मानवीय पहल माना जा रहा है।
नेताओं ने जताया शोक
कार्यक्रम में भाजपा दुर्ग जिला उपाध्यक्ष Natwar Lal Tamrakar ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और हरीश राणा की विदाई ऐसी रही कि “पत्थर दिल भी रो पड़ा।” उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
इस श्रद्धांजलि सभा में नगर पालिका उपाध्यक्ष अशोक बाफना, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता भूपेंद्र सिंह, चंचल भावना, नरेंद्र चौहान, विनोद गंधर्व, पत्रकार सेंटी दास, राकेश जसपाल, कुंवर सिंह चौहान, रवि शर्मा, प्रदीप गोयल, प्रदीप निर्मलकर, संतोष चौहान सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
सभी ने मोमबत्ती जलाकर हरीश राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके इस मानवीय निर्णय को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
यह आयोजन न सिर्फ एक व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि अंगदान जैसे महत्वपूर्ण विषय पर जागरूकता बढ़ाने का भी संदेश दे गया।



