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छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

कमाल कर दिया! छोटे गांव के बेटे ने सैनिक स्कूल में बनाई जगह

       दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के विकासखंड धमधा से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक छोटे से सरकारी स्कूल के छात्र ने अपनी मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। सेजस जंजगीरी के कक्षा 8वीं के छात्र लाभेश गुप्ता का चयन प्रतिष्ठित Sainik School Ambikapur के लिए हुआ है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ छात्र बल्कि पूरे स्कूल और क्षेत्र का मान-सम्मान बढ़ा दिया है।

       गांव के साधारण परिवार से आने वाले लाभेश ने सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद यह मुकाम हासिल किया। उनकी इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान उनकी शिक्षिका अंजना सिंह का रहा, जिन्होंने रोज़ अतिरिक्त कक्षाएं लेकर और नियमित मॉक टेस्ट के जरिए बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार किया।

       लाभेश बताते हैं कि मैडम द्वारा सिखाए गए मैथ्स के शॉर्ट ट्रिक्स और टाइम मैनेजमेंट की रणनीति ने उन्हें परीक्षा में बढ़त दिलाई। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं उतनी कठिन नहीं होतीं, जितना कि समय का सही उपयोग करना जरूरी होता है। यदि समय पर सवाल हल नहीं किए जाएं, तो सफलता हाथ से निकल सकती है।

       शिक्षिका अंजना सिंह का मानना है कि “गांव में हर कदम पर प्रतिभा छिपी होती है, जरूरत है तो सिर्फ सही मार्गदर्शन और मेहनत की।” उन्होंने यह भी कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि सही दिशा मिले, तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी बड़ी से बड़ी प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

       इस उपलब्धि से न केवल स्कूल का गौरव बढ़ा है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र भी किसी से कम नहीं हैं। गांव के कठिन माहौल और संसाधनों की कमी के बावजूद बच्चों का लगातार आगे बढ़ना पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।

       इस सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा, बीआरसी केशव पटेल, एबीईओ बेणीराम वर्मा, कैलाश साहू, संगीता देवांगन, संस्था प्रमुख मिनी गोपीनाथन सहित पूरे शाला परिवार ने छात्र और शिक्षिका को बधाई दी है। सभी ने भविष्य में भी ऐसे ही नए कीर्तिमान स्थापित करने की कामना की।

       लाभेश गुप्ता की यह कहानी न सिर्फ एक छात्र की सफलता है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अगर हौसले मजबूत हों और सही मार्गदर्शन मिले, तो छोटे गांव से निकलकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

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