रचनात्मकता और संस्कृति का संगम! श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में दिखा प्रतिभाओं का अनोखा रंग

भिलाई। स्थानीय श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को अनुसंधान, स्टार्टअप ,प्रबंधन और रचनात्मक- सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने ई-समिट का तीन दिवसीय आयोजन,सफलता पूर्वक किया गया। विद्यार्थियों ने तो अपने हुनर का प्रदर्शन किया ही अंतिम दिन शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक’ स्टॉफ ने अपने लिए भी शानदार प्रस्तुति दी। विश्वविद्यालय एवं टेक्नीकल कैंपस के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों दी। प्रस्तुतकर्ता और दर्शक शिक्षक एवं कर्मचारी ही थे लेकिन विशेषता यह रही कि एंकर की भूमिका में विद्यार्थी थे। गीत-संगीत-नृत्य का अनूठा संगम देखने को मिला।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ नम्रता भार्गव के माय हार्ट इस बीटिंग और डा. समता देशपांडे एवं. सीमा बानिक के गीतों ने तो खूब शमा बांधा।शिक्षकों में डा.रवि श्रीवास्तव, डा. रेखा त्रिवेदी ,अंजू कुमारी, ओम टेकाम ने तो खूब वाह वाही लूटी साथ ही अशैक्षणिक स्टाफ से विनय पीताम्बरम, तेजस्वी साहू, संतोष पांडे ने भी गीत प्रस्तुत किए।.
पूरे कार्यक्रम में नृत्य की प्रस्तुतियों ने भाव विभोर कर दिया। शास्त्रीय ,लोकनृत्य और वर्तमान पीढ़ी के फिल्मो के प्रसिद्ध नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ मोनिका श्रीवास्तव ने भरत नाट्यम और डॉ अचला जैन समूह के नृत्य ने खूब तालियां बटोरी।संगीता तिवारी, सुनिता, प्राची अग्रवाल,जयश्री, और आकांक्षा शर्मा के समूह ने भी शानदार प्रस्तुति दी।देवानंद और सुनीता ने भी अपने नृत्य से खूब माहौल बनाया।
शिक्षकों के इस रचनात्मक- सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुलाधिपति आई पी मिश्रा,. शिक्षण समिति की अध्यक्ष डॉ जया मिश्रा,कुलसचिव डा. स्मिता सेलट ने अपनी उपस्थिति से प्रोत्साहित किया और प्रस्तुतियो की सराहना की।इस तरह के फैकल्टी प्रोग्राम से कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलता है वहीं उनकी रचनात्मक,सांस्कृतिक प्रतिभा सामने आती है।



