
भिलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान एक बड़ा औद्योगिक मामला सामने आया, जब विधायक सेन ने प्रदेश में उद्योगों द्वारा नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने दुर्ग जिले के मलपुरी खुर्द स्थित JK Lakshmi Cement के निर्माण कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
विधानसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, कंपनी ने बिना वैधानिक अनुमति के ही करोड़ों रुपये के स्थायी निर्माण कार्य कर लिए। यह खुलासा तब हुआ जब विधायक के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि कंपनी ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और संबंधित स्थानीय निकाय से अनिवार्य भवन अनुज्ञा प्राप्त नहीं की थी।
नियमों के अनुसार, किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण बिना पूर्व अनुमति के करना अवैध माना जाता है। ऐसे में यह मामला सीधे तौर पर शासन के नियमों की अवहेलना का उदाहरण बनकर सामने आया है। विधायक सेन ने इसे न केवल नियमों की अनदेखी बताया, बल्कि प्रशासन और उद्योग के बीच संभावित मिलीभगत की आशंका भी जताई।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के अवैध निर्माण से राज्य सरकार को भारी राजस्व हानि होती है। हालांकि प्रशासन की ओर से फिलहाल इस नुकसान का सटीक आंकलन करने में असमर्थता जताई गई है, लेकिन यह साफ है कि यदि विधिवत अनुमति ली जाती, तो शासन को लाखों-करोड़ों रुपये का शुल्क प्राप्त होता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए Nagar Palika Parishad Ahiwara ने नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 के तहत कंपनी को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कंपनी से जवाब मांगा गया है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह मुद्दा केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे औद्योगिक ढांचे में नियमों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। विपक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और क्या जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होती है या नहीं। यह मामला आने वाले समय में राज्य की औद्योगिक नीति और नियामक व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।



