——
विविध ख़बरें

छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सुनवाई-कई मामलों का हुआ निराकरण

रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में आज विभिन्न जिलों से प्राप्त गंभीर शिकायतों और आवेदनों पर एक महत्वपूर्ण सुनवाई आयोग कार्यालय में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) श्री नेहरू राम निषाद, उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा एवं आयोग के सचिव श्री संकल्प साहू की उपस्थिति में मामलों की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सभी संबंधित पक्षकारों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

मलार समाज को ओबीसी में शामिल करने की मांग

सुनवाई के दौरान सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर एवं जशपुर जिलों से आए मलार समाज के लगभग 50 से 60 प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतिनिधियों ने समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने के संबंध में एक सामूहिक आवेदन प्रस्तुत किया। समाज के लोगों ने एकमत होकर इस प्रक्रिया के प्रति अपना लिखित समर्थन दर्ज कराया, जिस पर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने प्रकरण का अवलोकन कर अधिकारियों को नियमानुसार आगामी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

प्रमुख मामलों पर हुई सुनवाई और निर्देश

आवेदक श्री हरिशंकर साहू द्वारा सामाजिक बहिष्कार किए जाने की शिकायत पर जिला गरियाबंद के ग्रामीण साहू संघ (मुरमुरा) के पदाधिकारी आयोग के समक्ष हाजिर हुए। पदाधिकारियों ने बताया कि आवेदक को समाज की मुख्यधारा में पुनः ससम्मान शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में आयोग के पदाधिकारियों के समक्ष प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत किया गया।

श्री जागेश्वर यदु द्वारा भू-अधिग्रहण के बदले मिली नौकरी से सेवा समाप्त किए जाने की शिकायत पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह सेवा संबंधी विवाद होने के कारण केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस पर आयोग ने आवेदक को आवश्यक विधिक कार्रवाई हेतु कैट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की उचित जानकारी दी।

श्री प्रदीप जायसवाल ने छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी में पदों की समतुल्यता निर्धारण और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण संबंधी विषयों से आयोग को अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग क्रीमीलेयर पर समतुल्यता निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

आवेदक श्री रामसुन्दर का बयान दर्ज किया गया, परंतु अनावेदक की अनुपस्थिति के कारण उसे आगामी तिथि पर पुनः तलब किया गया है। चूंकि यह मामला आपसी विवाद और मारपीट से संबंधित था, इसलिए आयोग ने आवेदक को संबंधित पुलिस थाने में नियमानुसार शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। सुनवाई के दौरान श्री अंबिका प्रसाद, श्री फगुन दास और श्रीमती जोगेश्वरी वर्मा के अनुपस्थित रहने के कारण आयोग ने उन्हें आगामी पेशी तिथि में दोबारा उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया है।

संवेदनशीलता से काम करने की हिदायत

सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद एवं उपाध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पिछड़ा वर्ग से जुड़े सभी प्रकरणों का त्वरित और पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

The post छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सुनवाई-कई मामलों का हुआ निराकरण appeared first on Pramodan News.

Related Articles

Back to top button