
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि रायपुर- विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताया जा रहा है, उसी परियोजना में घटिया निर्माण, देरी और अनियमितताओं की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। सरकार को प्रचार करने के बजाय इस पर खड़े हो रहे सवालों को गंभीरता से जवाब देना चाहिए। रायपुर विशाखापट्नम भारतमाला सड़क में उदघाटन से पहले ही भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की पोल खुल गई है, अभी से ही सड़को पर दरारें इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार के फोकस में जन सुविधा नहीं बल्कि मुनाफाखोरी में हिस्सेदारी है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार इस परियोजना पर लगभग 16 हजार करोड़ रु. खर्च होने का दावा कर रही है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यदि सरकार के अनुसार परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, तो फिर जगह-जगह मरम्मत और सुधार की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? इससे स्पष्ट है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार को विकास के नाम पर केवल दावे करने के बजाय जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर के निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए और भ्रष्टाचार या अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।



