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छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

15 गांवों को जोड़कर बना ‘मानस शक्ति केंद्र सरदा’, ग्रामीणों को मिलेगा नई दिशा का संबल

भीखूराम साहू अध्यक्ष

निर्वाचित 23 अगस्त को भव्य गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाने का निर्णय

       बेमेतरा। मा भद्रकाली जिला मानस संघ बेमेतरा की परिकल्पना एवं संगठन विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ते हुए ग्राम सरदा एवं आसपास के 15 गांवों को सम्मिलित कर मानस शक्ति केंद्र सरदा का गठन किया गया। बैठक में सामाजिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक सक्रियता को दृष्टिगत रखते हुए पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से किया गया।

       मानस शक्ति केंद्र का मूल उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं श्रीरामचरितमानस के जीवन-दर्शन को जन-जन तक पहुंचाते हुए समाज एवं राष्ट्र के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान में रचनात्मक भूमिका निभाना है। साथ ही युवा पीढ़ी को संस्कार, साहित्य, संगीत एवं अध्यात्म से जोड़ने के लिए श्रीरामचरितमानस व्याख्यानमाला, संगीत प्रशिक्षण एवं विविध आध्यात्मिक कार्यशालाओं के आयोजन का निर्णय लिया गया।

       बैठक में भीखूराम साहू (भटगांव) को अध्यक्ष, डॉ. तरुण साहू (लेंजवारा) को उपाध्यक्ष, पंचराम यादव (बावनलाख) को सचिव, सूरित राम साहू (सरदा) को कोषाध्यक्ष तथा संतोष कुमार साहू (लेंजवारा) को मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया। इसके साथ ही विशेष कार्यकारिणी सदस्यों का भी गठन किया गया।

       नवनिर्वाचित अध्यक्ष भीखूराम साहू के सामाजिक एवं आध्यात्मिक सक्रिय योगदान को देखते हुए उपस्थित सदस्यों ने उन्हें दायित्व सौंपते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में मानस शक्ति केंद्र सरदा सेवा, संस्कार और अध्यात्म की त्रिवेणी को प्रवाहित करते हुए क्षेत्र में मानस चेतना के विस्तार का सशक्त माध्यम बनेगा।

       बैठक में आगामी 23 अगस्त को ग्राम भटगांव (बेरला) में राज्य स्तरीय भव्य गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। समारोह में प्रदेश के सुप्रसिद्ध भजन गायक एवं श्रीरामचरितमानस के वक्तागण उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन तुलसी साहित्य, रामभक्ति और लोकमंगल की भावना को जनमानस तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

       मा भद्रकाली जिला मानस संघ बेमेतरा के अध्यक्ष देवलाल सिन्हा ने नवनियुक्त सभी पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि मानस शक्ति केंद्रों का गठन संगठन के विस्तार के साथ-साथ समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता को नई दिशा देने वाला कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन नवीन दायित्वों के माध्यम से जिले की संघीय गतिविधियां और अधिक गतिशील, प्रभावी एवं सुदृढ़ होकर सामने आएंगी।

       बैठक में छगन लाल, रघुबीर साहू, बिहारी, सालिक, लवकुश, मोतीराम, शिव, राधेश्याम, देवचरण, देऊराम, संतोष, हजारी, टेकराम, झनक साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

       मानस शक्ति केंद्र सरदा का यह गठन निश्चित रूप से “राम के आदर्श, मानस के संस्कार और समाज के उत्थान” की दिशा में एक सार्थक एवं अनुकरणीय पहल है।

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