FIR के बाद अभिजीत दीपके का अलग अंदाज में जवाब, ‘ये जीवन है’ गाने के साथ PM मोदी का मीम शेयर कर सोशल मीडिया पर मचाई हलचल
स्कूल की बदहाली पर बवाल: CJP संस्थापक के पहुंचते ही FIR, बढ़ा विवाद

लातूर। सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और सुविधाओं की कमी को सोशल मीडिया पर उजागर करने के लिए शुरू किया गया ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान अब खुद कानूनी विवाद में घिर गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ लातूर जिले के औसा तालुका स्थित जवाली गांव के जिला परिषद उर्दू प्राथमिक विद्यालय में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और शिक्षकों के काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज की गई है।
FIR के बाद अभिजीत दीपके का अलग अंदाज, PM मोदी के मीम के साथ शेयर किया ‘ये जीवन है’👇🏻
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— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 22, 2026
मामला 15 अगस्त से शुरू हुए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़ा है। इसी अभियान के तहत दीपके सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की समस्याओं को सामने ला रहे थे। इसी क्रम में वे अपने साथी अजिंक्य शिंदे और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ जवाली के स्कूल पहुंचे।
स्कूल की 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशादबानो खैरातअली की शिकायत के मुताबिक, दीपके ने प्रशासनिक अनुमति के बिना स्कूल परिसर में प्रवेश किया और सीधे कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत शुरू कर दी। आरोप है कि उनके इस कदम से स्कूल का नियमित शैक्षणिक कार्य प्रभावित हुआ। शिकायत में शिक्षकों को निलंबित कराने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
शिक्षिका ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि निरीक्षण के दौरान किसी दूसरे स्कूल के बच्चों को यहां लाकर बैठाया गया था। इससे स्कूल और शिक्षकों की छवि खराब हुई।
मामले में औसा पुलिस ने BNS की धारा 132, 329(3), 351(2) और 356(2) के तहत FIR दर्ज की है। इनमें सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य से रोकने, बिना अनुमति प्रवेश, आपराधिक धमकी और मानहानि से संबंधित आरोप शामिल हैं।
FIR के बाद दीपके की प्रतिक्रिया भी चर्चा में आ गई। उन्होंने X पर किशोर कुमार के ‘ये जीवन है’ गीत का वीडियो साझा किया, जबकि इंस्टाग्राम स्टोरी पर FIR की खबर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘ओह माय गॉड’ वाला चर्चित मीम भी पोस्ट किया।
अब मामला सिर्फ स्कूल की कमियों के आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अभियान बनाम कानूनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। पुलिस जांच में आगे यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।