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छत्तीसगढ़

दूरस्थ अंचलों में माताओं का सहारा बन रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना




शीला कर्मा को मिली सहायता से बेहतर हुई जच्चा-बच्चा की देखभाल

रायपुर, 22 सितम्बर 2026/ प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से लाभान्वित सुकमा की श्रीमती शीला कर्मा को गर्भावस्था के संवेदनशील समय में मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें न केवल पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद की, बल्कि भविष्य के प्रति नया आत्मविश्वास भी दिया।

नगर पालिका परिषद सुकमा के देवी चौक निवासी श्रीमती शीला कर्मा को योजना के तहत उनके बैंक खाते में सीधे 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि का उपयोग पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए किया। समय पर मिली सहायता से गर्भावस्था के दौरान उनकी देखभाल बेहतर हुई और शिशु के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी परिवार को सहारा मिला।

श्रीमती कर्मा बताती हैं कि आर्थिक आवश्यकता के समय मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई। आवश्यक खर्च के बाद बची राशि उन्होंने अपने नवजात शिशु के सुरक्षित भविष्य के लिए बैंक खाते में सहेजकर रखी है। उन्होंने कहा कि योजना ने मातृत्व के कठिन समय में परिवार के सदस्य की तरह उनका साथ दिया।श्रीमती कर्मा ने कहा कि दूरस्थ अंचलों तक योजना का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचना शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री माताओं को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य माताओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ गर्भावस्था और प्रसव के बाद होने वाले आर्थिक खर्च की आंशिक भरपाई करना है।







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