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छत्तीसगढ़

मासूमों के साथ ये कैसा इलाज? तांत्रिक बच्चों को हवा में उछालता रहा, वीडियो सामने आते ही मचा हड़कंप

सीतामढ़ी। बीमारी ठीक करने के नाम पर बच्चों के साथ की जा रही एक खतरनाक हरकत का वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। सीतामढ़ी के परिहार थाना क्षेत्र के महादेवपट्टी गांव का बताया जा रहा वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें एक व्यक्ति छोटे बच्चों को हाथों में उठाकर हवा में उछालता दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि बच्चों के इलाज के नाम पर यह प्रक्रिया की जा रही थी। मौके पर लोगों की भीड़ भी मौजूद थी। वीडियो सामने आने के बाद इस तरह के कथित इलाज और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे।

वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुई कार्रवाई

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वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति की पहचान श्रवण महतो के रूप में बताई है।

परिहार थानाध्यक्ष पंकज यादव के बयान पर श्रवण महतो के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ किशोर न्याय संरक्षण अधिनियम, 2015 के तहत भी कार्रवाई की है।

इलाज के नाम पर बच्चों के साथ ऐसी हरकत क्यों?

वीडियो में बच्चों को हवा में उछालते हुए दिखाई देने वाली घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। किसी बच्चे को इस तरह उठाकर उछालने के दौरान उसके गिरने या चोट लगने का खतरा बना रहता है।

ऐसे मामलों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बीमारी या परेशानी की स्थिति में बच्चों को वैज्ञानिक और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा की जगह इस तरह के कथित इलाज तक क्यों ले जाया जाता है।

भीड़ के बीच होती रही बच्चों के साथ हरकत

बिहार के सीतामढ़ी से सामने आई अंधविश्वास की कहानी. (Photo: Screengrab)

वीडियो में आसपास कई लोगों की मौजूदगी दिखाई देती है। इसके बावजूद बच्चों को हवा में उछालने की प्रक्रिया चलती रही। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई।

पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस की जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।

बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

बच्चे अपनी सुरक्षा को लेकर खुद फैसला नहीं ले सकते। ऐसे में उनकी देखभाल और इलाज की जिम्मेदारी परिवार और आसपास मौजूद बड़ों की होती है। इलाज के नाम पर किसी भी ऐसी गतिविधि से बचना जरूरी है, जिससे बच्चे को चोट पहुंचने का खतरा हो।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जा रही है।

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