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छत्तीसगढ़रायपुर

बोधघाट परियोजना के विरोध में प्रभावित ग्रामीणों ने कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के सामने रखी अपनी बात

दंतेवाड़ा दौरे पर प्रस्तावित बांध स्थल पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, 56 गांवों के प्रभावितों की आवाज राहुल गांधी तक पहुंचाने का दिया भरोसा

       दंतेवाड़ा/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर पहुंचे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एवं सांसद सुखदेव भगत ने दंतेवाड़ा जिले में बोधघाट परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। बारसूर क्षेत्र में परियोजना से प्रभावित बताए जा रहे 56 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं और चिंताएं रखीं। भगत ने ग्रामीणों की बात कांग्रेस नेतृत्व और विपक्ष के नेता राहुल गांधी तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

       दौरे के दूसरे दिन सुखदेव भगत सबसे पहले बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन करने पहुंचे। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शकील रिजवी के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों पर उनका स्वागत किया गया। भगत ने दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

प्रभावित गांवों के ग्रामीणों से की मुलाकात

       कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सह प्रभारी एस.ए. संपत कुमार, जरिता लैतफ्लांग, विजय जांगिड़ और प्रदेश कांग्रेस महामंत्री मलकीत सिंह गैदू सहित अन्य नेताओं के साथ बारसूर पहुंचे। यहां उन्होंने बोधघाट परियोजना से प्रभावित बताए जा रहे 56 गांवों के ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी बातें सुनीं।

       ग्रामीणों ने परियोजना को लेकर अपनी चिंताएं और समस्याएं नेताओं के सामने रखीं। सुखदेव भगत ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी बात कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और राहुल गांधी तक पहुंचाई जाएगी।

प्रस्तावित बांध स्थल का किया अवलोकन

       ग्रामीणों से मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल सातधार पहुंचा। इसके बाद नेता बोधघाट परियोजना के लिए प्रस्तावित बांध स्थल पर पहुंचे और क्षेत्र का अवलोकन किया। दौरे के दौरान प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी, प्रदेश पदाधिकारी, दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष शकील रिजवी तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

       बोधघाट परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों के साथ हुई इस मुलाकात के दौरान उनकी चिंताओं और मांगों को कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

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