धान खरीदी के नए नियम जारी: अब फिंगरप्रिंट से होगा सत्यापन, टोकन की मात्रा में भी बड़ा बदलाव

रायपुर : आगामी धान खरीदी सीजन से पहले किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश सामने आए हैं। इस बार धान बेचने की प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया जाएगा। यानी खरीदी केंद्रों पर किसानों को फिंगरप्रिंट के जरिए अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी। किसान की अनुपस्थिति में उनके अधिकृत नॉमिनी का भी बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा सकेगा। इस बार केवल ओटीपी के माध्यम से धान बेचने की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
इसके अलावा टोकन में दर्ज धान की मात्रा और खरीदी की सीमा को लेकर भी नियम निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में किसानों को टोकन जारी कराने से लेकर खरीदी केंद्र पहुंचने तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी किसान के नाम पर अधिक मात्रा में धान दर्ज है और उसे बेचने के लिए एक से अधिक टोकन जारी किए जाते हैं, तो सभी टोकन में धान की मात्रा समान रखी जाएगी।
उदाहरण के तौर पर, किसी किसान के पास 120 क्विंटल धान है और उसके लिए दो टोकन जारी होते हैं, तो प्रत्येक टोकन में 60-60 क्विंटल धान दर्ज होगा। इसी तरह 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन जारी होने पर प्रत्येक टोकन में 100-100 क्विंटल की मात्रा निर्धारित की जाएगी।
धान खरीदी के नए नियमों में किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टोकन में निर्धारित मात्रा से कम धान बेचने पर बची हुई मात्रा को निरस्त कर दिया जाएगा। उसे अगले टोकन में जोड़ने की सुविधा नहीं मिलेगी।
उदाहरण के लिए, यदि किसी किसान के टोकन में 100 क्विंटल धान बेचने की अनुमति है, लेकिन वह केवल 80 क्विंटल ही बेच पाता है, तो शेष 20 क्विंटल की मात्रा स्वतः निरस्त हो जाएगी। इस मात्रा को दूसरे टोकन में शामिल नहीं किया जा सकेगा।
इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही अपनी उपज बेचने की तैयारी करें, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
धान बेचने के लिए खरीदी केंद्र पहुंचने से पहले किसानों को कुछ जरूरी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए।
बायोमेट्रिक सत्यापन: किसान या उनके अधिकृत नॉमिनी के फिंगरप्रिंट सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
टोकन की जानकारी: टोकन में दर्ज धान की मात्रा और खरीदी की तारीख पहले से जांच लें।
मात्रा का मिलान: एक से अधिक टोकन जारी होने पर प्रत्येक टोकन में दर्ज मात्रा की जानकारी रखें।
पूरी उपज की तैयारी: टोकन में निर्धारित मात्रा के अनुसार धान बेचने की तैयारी करें, क्योंकि कम मात्रा बेचने पर बचा हुआ हिस्सा निरस्त हो सकता है।
समिति से संपर्क: खरीदी केंद्र जाने से पहले संबंधित सहकारी समिति से नियमों और निर्देशों की पुष्टि अवश्य कर लें।
किसानों के लिए जरूरी सलाह: धान खरीदी के दौरान किसी भी तरह की परेशानी और संभावित नुकसान से बचने के लिए टोकन की मात्रा, बायोमेट्रिक सत्यापन और खरीदी की तारीख से जुड़ी सभी जानकारियां पहले ही सुनिश्चित कर लें।



