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छत्तीसगढ़रायपुर

राज्योत्सव के मंच से गूंजी विकास और गौरव की बात, अमित शाह ने किया संबोधन

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की सभी प्रदेशवासियों, विशेषकर आदिवासी भाई-बहनों को शुभकामनाएँ और इस सफलता के लिए CAPF व छत्तीसगढ़ पुलिस को साधुवाद

नवा रायपुर में 5 लाख पीपल लगाए जाएँगे, ‘पीपल सिटी’ बनकर यह दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण-मित्र शहर बनेगा

छत्तीसगढ़ की जनता हमें सत्ता में लाई, हमने 2 माह के भीतर नक्सलमुक्ति का संकल्प लिया और देश को नक्सलमुक्त बनाया

मानवाधिकार के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से पूछता हूँ – मानवाधिकार बंदूक लेकर विकास रोकने वाले का होता है, ग़रीब आदिवासी का नहीं?

नक्सलियों ने जिनके हाथ-पैर छीन लिए, मोदी सरकार उन्हें कृत्रिम अंग देकर फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर रही है

विपक्षी पार्टी ने हमेशा नक्सलियों का समर्थन ही किया है

पूर्व गृह मंत्री ने कहा- नक्सलियों को हथियार डालने की ज़रूरत नहीं, बस उत्पात न करें, हमने कहा – हथियार डालोगे तो मुख्यधारा में लाएँगे, वरना हमारे जवान दो-दो हाथ करेंगे, और 90% नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया

विपक्षी पार्टी हमेशा ग़ैर-संवैधानिक एस्टेब्लिशमेंट्स के साथ खड़ी रही – नक्सलियों ने अपनी ‘जनताना सरकार’ बनाकर निर्दोष पत्रकारों, समाजसेवियों और विद्यार्थियों को फाँसी दे दी

जो नेता विपक्ष, नक्सलियों की ‘जनताना सरकार’ का समर्थन करते थे, उन्होंने अब नकली संसद बनाकर संसद का भी मजाक बनाया

नेता विपक्ष का आचरण असंवैधानिक है, लेकिन वे हाथ में संविधान लेकर घूमते हैं

नक्सलवाद के कारण जिस छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक गलियारा बनना था, वहाँ रेड कॉरिडोर बना; जिस बच्चे के हाथ में कलम होनी थी, उसे बंदूक थमा दी; जहाँ स्कूल की घंटी बजनी थी, वहाँ स्कूल ही उड़ा दिया

नक्सलवाद पर कार्रवाई को लेकर लेख लिखकर सलाह देने वाले अब डरें नहीं, यहाँ आकर विकास की बयार देखें और इन आदिवासियों के दर्द पर भी आर्टिकल लिखें

मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है – विपक्ष में हिम्मत है तो संसद चलने दे, जनता को पता चल जाएगा कि सच कौन है और झूठ कौन

छत्तीसगढ़ सरकार ने मोदी जी की 70% से ज़्यादा गारंटियाँ पूरी की

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ आने वाले दिनों में देश के टॉप-3 पर्यटन राज्यों में होगा

पहले कहा जाता था – छत्तीसगढ़ की धरती अमीर है और लोग ग़रीब; 10 साल में यहाँ धरती भी अमीर होगी और लोग भी

हमारी सरकार छत्तीसगढ़ को भय से भरोसे और संसाधन से समृद्धि की ओर ले जाएगी – स्वाभिमानी लोग और सम्पन्न धरती वाला खुशहाल छत्तीसगढ़ बनाएँगे

      रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

       कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को धन्यवाद और श्रद्धांजलि देते हैं, क्योंकि अटल जी ही थे, जिन्होंने वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की। उन्होंने कहा कि हमें यह मालूम था कि राज्य बनते ही विपक्षी पार्टी के नेता मुख्यमंत्री बन सकते हैं, फिर भी हमने इसकी चिंता नहीं की। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ अन्याय होता आ रहा था और इस क्षेत्र का विकास रुका पड़ा था। उन्होंने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ को बनाया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इसे संवारा है।

       अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की जनता, खासकर आदिवासी समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ नक्सल-मुक्त होकर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और छत्तीसगढ़ पुलिस को भी साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि आज गौरव, सिद्धि और संकल्प का दिन है। गौरव है हमें अटल जी की विरासत का, जिन्होंने छत्तीसगढ़ को एक अलग प्रदेश की पहचान दी। सिद्धि है उन संकल्पों की, जो इतने वर्षों से लिए गए थे, नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सल-मुक्त भारत बनाने के संकल्प सिद्ध हुए हैं और साथ ही संकल्प है मोदी जी और विष्णुदेव जी के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का।

       केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास का संदेश और गुरु नानक देव जी की सेवा, समानता और सच्चाई का संदेश —यही संस्कार छत्तीसगढ़ के हैं। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवंत रखने के लिए हमारी सरकार छत्तीसगढ़ पंडुम और बस्तर ओलंपिक का आयोजन करती है। पंथी, पांडवानी, राउत, नाचा, कर्मा और सैला नृत्य जैसी सांस्कृतिक धरोहरों, ढोकरा कला, बेल मेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा जैसी कलाओं तथा बस्तर दशहरे की 75 दिन चलने वाली अनूठी परंपरा को विष्णुदेव साय की सरकार ने नई पहचान दी है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक के माध्यम से लाखों युवाओं ने आदिवासी खेलों में भाग लेकर अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित किया है। बस्तर पंडुम ने यहाँ की वेशभूषा, खान-पान, गान और नृत्य को फिर से जीवंत किया है। साथ ही, आदिवासी क्षेत्रों के विकास की जो कल्पना लंबे समय से अधूरी रही थी, उसे भी अब पूर्ण करने की दिशा में काम हो रहा है।

       अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने विपक्षी पार्टी को हटाकर हमारी पार्टी को जनादेश दिया और उसके दो ही महीने में हमने नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर सांस्कृतिक गलियारा होना चाहिए था, वहाँ रेड कॉरिडोर बनाया गया। जिस जंगल में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीत होने चाहिए थे, वहाँ बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। जिस बच्चे के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, उसे स्कूल से अगवा कर बंदूकें थमाई गईं। जहाँ स्कूल की घंटी बजनी चाहिए थी, वहाँ स्कूल की इमारत ही उड़ा दी गई, और जिस सड़क को विकास पहुँचाने का रास्ता बनना था, उसे बनाने वाले को परिवार के सामने ही जिंदा जला दिया गया। उन्होंने मानवाधिकार के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से सवाल किया कि क्या मानवाधिकार सिर्फ हाथ में बंदूक लेकर विकास रोकने वालों का होता है? क्या गरीब आदिवासी का मानवाधिकार नहीं होता? शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने यह दिखाया है कि गरीब आदिवासियों का भी मानवाधिकार होता है। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में बम धमाकों में जिनके हाथ-पैर उड़ गए, उन्हें कृत्रिम अंग देकर हमने उनका जीवन सरल बनाने का प्रयास किया। गृह मंत्री ने कहा कि जो लोग दूर बैठकर लंबे-लंबे लेख लिखकर सलाह देते थे, उनका साहस नहीं था यहाँ आकर एक दिन रह सकें। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों को निमंत्रण देते हैं कि वे डरें नहीं, अब यहाँ उन्हें कोई नहीं मारेगा। विकास की बयार यहाँ आकर देख लीजिए। अगर मन में राम जागता है, तो इनके दर्द पर दो लेख लिख दीजिए।

       केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 2010 में विपक्षी पार्टी की केन्द्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा था कि नक्सलियों को हथियार डालने की जरूरत नहीं है, बस उत्पात मत करिए। शाह ने कहा कि इस तरह से हिंसा नहीं रुकती। गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने संसद में स्पष्ट कहा था कि जिसे भी सरेंडर करना है, वो हथियार डालकर सरेंडर कर दे, उसे हम मेनस्ट्रीम में लाएंगे, वरना हमारे जवान उनसे दो-दो हाथ करेंगे। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलियों से सरेंडर की अपील का परिणाम रहा केवल 10 प्रतिशत नक्सली मारे गए, 90 प्रतिशत ने सरेंडर किया और आज पूरा देश नक्सल मुक्त हो गया। यही नरेन्द्र मोदी जी की सरकार की नीति है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन करने वालों के साथ नागरिक जैसा व्यवहार होगा, और अगर कोई कानून तोड़ेगा, तो चाहे बस्तर हो, उत्तर-पूर्व हो या फिर कश्मीर हो —नागरिकों की रक्षा के लिए सुरक्षा बल उसे सीधा करने का काम करेंगे।

       अमित शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी ने हमेशा से गैर-संवैधानिक एस्टेब्लिशमेंट्स और मॉक पार्लियामेंट का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने ‘जनताना सरकार’ बनाई थी। उनका अलग गृह मंत्री, मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री आदि होता था। शाह ने सवाल किया कि कौन सा संविधान ‘जनताना सरकार’ जैसी समानांतर सरकार की अनुमति देता है? उन्हें न्याय करने का अधिकार किसने दिया? उन्होंने कई निर्दोष पत्रकारों, समाजसेवकों और विद्यार्थियों को पेड़ों पर लटकाकर फाँसी दे दी। विपक्ष के नेता भी संसद में इसका समर्थन करते रहे हैं। पहले नकली ‘जनताना सरकार’ का समर्थन करते थे, गैर संवैधानिक सरकार का समर्थन करते थे, लेकिन अब नकली संसद बनाकर संसद का भी मखौल उड़ाया। मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर चर्चा का नाटक किया। गृह मंत्री ने विपक्ष के नेता से कहा कि मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हम संसद का विशेष सत्र बुलाकर SIR पर चर्चा के लिए तैयार हैं, और हिम्मत है तो देश की जनता के सामने चर्चा करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का सम्मान नहीं होता, आचरण संवैधानिक होना चाहिए। आपने संसद रोककर रखा है, बैन में डालकर रखा है। अब संसद चलने दीजिए और चर्चा में दो-दो हाथ कर लीजिए। देश की जनता को मालूम पड़ जाएगा कि सच कौन है और झूठ कौन।

       गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और दोनों उप-मुख्यमंत्रियों की त्रिमूर्ति ने बहुत कम समय में मोदी सरकार की 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियों को पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 33वीं किस्त छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को भेज दी गई है। धान की खरीद जारी है। कृषि, वनोपज, पशुपालन और एमएसएमई जैसे क्षेत्र अपने लक्ष्य सिद्ध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सल-मुक्त हो गया है, आने वाले दिनों में हमारा छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में शीर्ष तीन में आएगा। चित्रकूट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, माँ बलमेश्वरी, दंतेवाड़ा की माँ दंतेश्वरी और बस्तर दशहरा — ये सभी विश्व भर के यात्रियों को यहाँ लाने की क्षमता रखते हैं।

       अमित शाह ने कहा कि पहले कहा जाता था कि धरती अमीर है, लोग गरीब हैं। मगर 10 साल के अंदर यहाँ धरती भी अमीर रहेगी और लोग भी अमीर होंगे। यह मोदी जी की गारंटी है। संपन्न और खुशहाल लोग तथा संपन्न और खुशहाल धरती ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वार्षिक बजट में 30 गुना वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य का जीएसडीपी 25 गुना बढ़ा है। आईटीआई संस्थान दो गुना, इंजीनियरिंग कॉलेज तीन गुना, पॉलिटेक्निक कॉलेज छह गुना तथा महाविद्यालय और विश्वविद्यालय छह गुना बढ़े हैं। साक्षरता 65 प्रतिशत से बढ़ाकर 79 प्रतिशत तक पहुँचाने का काम हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में हमारा चौथा कार्यकाल छत्तीसगढ़ की जनता को भय से भरोसे की ओर ले जाएगा, संसाधन से समृद्धि तक ले जाएगा, और संभावनाओं को सिद्धि में परिवर्तित करके एक खुशहाल छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा।

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