
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग (PWD) के दुर्ग परिक्षेत्र के अंतर्गत 202 श्रमिकों की कटौती के प्रस्ताव को लेकर सियासत गरमा गई है। संजारी बालोद की विधायक एवं छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्योत्सव और दीपावली जैसे त्योहारों के बीच युवाओं के रोजगार पर संकट खड़ा करना उनके परिवारों की रोजी-रोटी पर असर डालने जैसा है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लोक निर्माण विभाग दुर्ग परिक्षेत्र के सात संभागों में 1 अक्टूबर 2026 तक कुल 971 श्रमिक कार्यरत थे। विभागीय आंकड़ों के हवाले से 29 अक्टूबर 2026 की स्थिति में 202 श्रमिकों की कटौती का प्रस्ताव सामने आया है। इसके बाद संशोधित संख्या 769 बताई गई है।
दुर्ग संभाग में सबसे अधिक कटौती का प्रस्ताव
कांग्रेस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दुर्ग संभाग में 446 श्रमिकों में से 107, बेमेतरा में 172 में से 44, राजनांदगांव में 116 में से 22, बालोद में 95 में से 13 और कवर्धा संभाग में 65 में से 16 श्रमिकों की कटौती प्रस्तावित है। वहीं मोहला-मानपुर-चौकी और खैरागढ़ संभाग में किसी श्रमिक की कटौती प्रस्तावित नहीं बताई गई है।
संभागवार विवरण इस प्रकार है:
| संभाग | पहले कार्यरत श्रमिक | प्रस्तावित कटौती | संशोधित संख्या |
|---|---|---|---|
| दुर्ग | 446 | 107 | 339 |
| बालोद | 95 | 13 | 82 |
| बेमेतरा | 172 | 44 | 128 |
| राजनांदगांव | 116 | 22 | 94 |
| मोहला-मानपुर-चौकी | 27 | 0 | 27 |
| खैरागढ़ | 50 | 0 | 50 |
| कवर्धा | 65 | 16 | 49 |
| कुल | 971 | 202 | 769 |
राज्योत्सव के मंच से संगीता सिन्हा ने उठाया था मुद्दा
विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि उन्होंने राज्योत्सव के मंच से ही संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के रोजगार का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि दिवाली और राज्य स्थापना दिवस जैसे खुशियों के पर्व पर युवाओं को बेरोजगार करना उनके परिवारों के निवाले पर डाका डालने जैसा है।
संगीता सिन्हा के अनुसार, वर्ष 2021 से काम कर रहे कर्मचारियों को हटाने की बात सामने आना चिंताजनक है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की रोजी-रोटी बचाने की अपील की।
कांग्रेस ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग
संगीता सिन्हा ने कहा कि पहले कर्मचारियों को हटाने की बातें मौखिक चेतावनियों तक सीमित थीं, लेकिन अब PWD के लिखित प्रस्ताव से उनकी आशंका को आधार मिला है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से श्रमिकों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सरकार से इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने और प्रभावित श्रमिकों के रोजगार के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।



