
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कार्रवाई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
गिरफ्तारी और ज़ब्ती: 28 अगस्त को रायगढ़ पुलिस ने जूटमिल, कोड़ातराई के पास 175 किलो गांजा, एक अल्टो कार, और एक छोटा हाथी पिकअप वाहन समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। बाद में अन्य तीन आरोपी भी गिरफ्तार किए गए।
गिरोह की कार्यप्रणाली और नेटवर्क: गिरोह के प्रमुख सरगना भागवत साहू और उनके साथी ओडिशा से गांजा की आपूर्ति करते थे और इसे छत्तीसगढ़ समेत अन्य प्रदेशों में बेचते थे। इस गिरोह का नेटवर्क बहुत विस्तृत और संगठित था।
बैंक खातों की जांच और राष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से कार्रवाई: आरोपियों के बैंक खातों को होल्ड करने की प्रक्रिया जारी है, और राष्ट्रीय नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहयोग से आगे की जांच की जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक निर्णायक कदम उठाते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी रैकेट का भांडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के तहत रायगढ़ पुलिस ने 28 अगस्त को जूटमिल, कोड़ातराई के पास गांजा की एक बड़ी खेप को ज़ब्त किया और गिरोह के प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरोह का नेटवर्क और कार्यप्रणाली
गिरोह का मुख्य सरगना भागवत साहू था, जो ओडिशा से गांजा की आपूर्ति करता था। प्रारंभ में वह छोटे सप्लायरों से 4-5 किलो गांजा खरीदता था, लेकिन बाद में उसने ओडिशा के एक बड़े सप्लायर व्योमकेश से संपर्क किया और बड़े पैमाने पर गांजा की खरीद शुरू कर दी। भागवत साहू और उसके साथी गांजा को छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में सप्लाई करने के लिए रोड क्लीयरिंग और गुप्त ठिकानों का इस्तेमाल करते थे।
बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक का भंडाफोड़
पुलिस ने गांजा तस्करी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक का भी खुलासा किया। ओडिशा में गांजा के उत्पादन इकाई से सप्लाई करने वाले बयोमकेश खटवा और छत्तीसगढ़ में मुख्य खरीददार और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह के प्रमुख सदस्य भागवत साहू और दीपक उर्फ नान्हू भारद्वाज के मेमोरेंडम पर कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं, जिससे पुलिस को कई वाहनों, मोबाइल फोन और नकदी की ज़ब्ती में सफलता मिली।
पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गहन पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया। रायगढ़ और बिलासपुर पुलिस की 5 विशेष टीमों ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान मुख्य सप्लायर व्योमकेश से कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए, जिससे ओडिशा के जंगलों में गांजा उत्पादन के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
राष्ट्रीय एजेंसी और अंतरराज्यीय सहयोग
रायगढ़ पुलिस ने नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और ओडिशा पुलिस के साथ मिलकर इस नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त करने की योजना बनाई है। साथ ही, गिरोह के बैंक खातों को होल्ड करने और उनके वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारी
इस अभियान में डीएसपी साइबर सेल अभिनव उपाध्याय, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, निरीक्षक राकेश मिश्रा, निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक गिरधारी साव, और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपी
पहले गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों के अलावा, (1) भागवत साहू पिता हुलसराम साहू उम्र 36 साल निवासी ग्राम पिहरीद थाना सक्ती, जिला सक्ती (2) दीपक उर्फ नान्हू भारद्वाज को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ कई मामलों में आगे की जांच जारी है।



