Aadhaar corrections get tough as Gazette notification required for name changes

आधार कार्ड में नाम में बदलाव के लिए नियम पहले से सख्त हो गए हैं। चाहे फिर पूरा नाम बदलवाना हो या फिर कुछ अक्षर। गैजेट नोटिफिकेशन के साथ ही आवेदक को अपना एक पुराना आईडी प्रूफ भी सब्मिट करवाना होगा जिसमें उसका पुराना नाम लिखा हो। इसमें PAN कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, सर्विस आइडी कार्ड, पासपोर्स आदि शामिल हैं। इतना ही नहीं, अगर यूजर नाम में बदलाव करवाने जा रहा है तो उसे केवल दो चांस ही मिलेंगे। UIDAI ने कहा है (via) कि आवदेक को केवल 2 अटेंप्ट ही दिए जाएंगे।
वहीं पर, अगर आपको अपना एड्रेस अपडेट करवाना है या फिर नया एनरोलमेंट करवाना है तो अब इसके लिए प्रक्रिया को सरल कर दिया गया है। इसके लिए अब किसी भी पब्लिक सेक्टर बैंक की पासबुक भी पेश की जा सकती है। लेकिन इसके लिए आवेदकों को बैंक शाखा प्रबंधक से एक प्रमाण पत्र भी प्राप्त करना होगा, जिसमें पुष्टि की जाएगी कि पता बैंक के रिकॉर्ड में दर्ज है और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो गई है।
जन्मतिथि (date of birth) में सुधार के मामले में नियम सख्त हो गए हैं। 18 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों के लिए केवल अधिकृत राज्य प्राधिकारियों द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र ही प्रूफ के रूप में स्वीकार किया जाएगा। पासपोर्ट और SSLC बुक अब इसके लिए वैध नहीं हैं। तो अगर आप भी अपने आधार कार्ड में इस तरह का कोई बदलाव करवाने जा रहे हैं तो इन नए नियमों को जरूर जान लें अन्यथा आवेदक को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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