
चिकित्सा शिक्षा सेवा विभाग के अतिरिक्त सचिव का भी मिला दायित्व
सुब्रत साहू सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली मुक्त जिम्मेदारी
राज्य में प्रशासनिक सुधार और बदलाव की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
राज्य शासन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी।#BreakingNews #Chhattisgarh pic.twitter.com/7OVLUVkNJy
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) October 3, 2024
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में बीजेपी की सरकार बनने के बाद, राज्य शासन ने अपनी पहली महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सचिव के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी पी. दयानंद को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, उन्हें चिकित्सा शिक्षा सेवा विभाग का अतिरिक्त सचिव का भी दायित्व सौंपा गया है। यह नियुक्ति राज्य में प्रशासनिक सुधार और विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
पी. दयानंद की व्यापक प्रशासनिक पृष्ठभूमि
पी. दयानंद 2006 बैच के एक अनुभवी और कुशल IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने प्रशासनिक करियर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। 2018 में बीजेपी शासनकाल के दौरान, दयानंद बिलासपुर के कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, जहां उनके प्रशासनिक कौशल और नेतृत्व की काफी सराहना हुई थी। इसके अलावा, नवंबर 2023 में, जब छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग की मुख्य पदाधिकारी रीना बाबा साहब कंगाले छुट्टी पर थीं, तब पी. दयानंद को उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने उस दौरान निर्वाचन से जुड़े सभी कार्यों को सफलतापूर्वक संभाला था, जिससे उनकी प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण मिलता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख बदलाव
राज्य शासन की ओर से जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को उनके मौजूदा प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। इन अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, परदेशी सिद्धार्थ कोमल, अंकित आनंद, और सोलई भारती दासन शामिल हैं। हालांकि, इन अधिकारियों के पास अन्य विभागों की जिम्मेदारियाँ पूर्ववत रहेंगी। मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बदलाव को नए विचार और नेतृत्व को शामिल करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में नवीनता और गति लाई जा सकेगी।
स्वास्थ्य सेवा सुधार पर विशेष ध्यान
पी. दयानंद को मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में नियुक्त करने के साथ ही, उन्हें चिकित्सा शिक्षा सेवा विभाग का अतिरिक्त सचिव भी बनाया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार स्वास्थ्य सेवा सुधारों को प्राथमिकता देने के लिए गंभीर है। दयानंद की नई जिम्मेदारी में स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।
वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई भूमिकाएँ
मुख्यमंत्री कार्यालय से सुब्रत साहू, परदेशी सिद्धार्थ कोमल, अंकित आनंद, और सोलई भारती दासन को उनके प्रभार से मुक्त किया गया है, लेकिन उन्हें राज्य के अन्य विभागों में अपने दायित्व निभाने की जिम्मेदारी दी गई है। इन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका अब मुख्यमंत्री कार्यालय से बाहर रहते हुए भी प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
बीजेपी सरकार द्वारा की गई यह नियुक्ति और प्रशासनिक बदलाव राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पी. दयानंद की नियुक्ति से न केवल मुख्यमंत्री कार्यालय में नई ऊर्जा और दिशा का संचार होगा, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सुधार की दिशा में ठोस प्रयास भी होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह निर्णय प्रदेश के प्रशासनिक कार्यों को तेज करने और विकास कार्यों को गति देने में सहायक साबित होगा।
सारांश
छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार की पहली प्रमुख नियुक्ति के रूप में पी. दयानंद की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनके कुशल नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव से राज्य को विकास की दिशा में नई गति मिलेगी। साथ ही, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए उनकी अतिरिक्त जिम्मेदारी सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। इस प्रशासनिक बदलाव के साथ, राज्य में सुशासन और विकास की नई संभावनाएं खुलती नजर आ रही हैं, जो छत्तीसगढ़ की जनता के लिए एक सकारात्मक संकेत है।



