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Employees Pension Scheme 1995: ईपीएस 95 पेंशनर्स का क्या गुनाह, खुद का परिवार-सरकार सुनती नहीं…

  • बुढ़ापे का सहारा बनने के बजाय सरकार की नीतियों ने परेशान किया है।
  • ईपीएस 95 न्यूनतम पेंशन 1000 रुपए भुगतान किया जा रहा है।
  • देश के लाखों पेंशनभोगियों की मांग है कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाई जाए।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। Employees Pension Scheme 1995: ईपीएस 95 न्यूनतम पेंशन आंदोलन पर Indranath Thakur का कहना है कि चुनाव चलते रहेंगे। देश भी आगे बढ़ता रहेगा। जो लोग ऐसा मानते हैं कि EPS 95 का आन्दोलन बूढ़े असहाय बुझे हुए हताश निराश लोगों का है। यह पॉलिटिक्स के भंवर में गोते लगाते हुए डूब जाएगी। उन लोगों को यह याद रखना चाहिए कि आन्दोलन करने वाले ऐसे बूढ़े लोग प्रकृति के नियमों के अनुसार दुनियां से निकल जाने की भी तैयारी कर रहे हैं।

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इन बूढ़े लोगों की एजिटेशन को सामान्य आंकने की भूल नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसे बूढ़े आज के युवानों और प्रौढ़ों का बाप मानना चाहिए। हमारे बुजुर्गों का यह शान्तिमय निःशब्द चर्चा वर्तमान राजनीतिक आन्दोलनों का दिशा तय करनेवाली सिद्ध होगी।

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यह हमें अपनी बातों को राष्ट्र की सरकार और समाज के समक्ष सच्चाई को उजागर करने के साथ धीमी आंच पर वास्तविकता को पकाने परोसने और भूखों को खिलाने की एक अनूठी विधि के प्रदर्शन का तरीका होगा। हम ही नहीं जो भी धरती पर जन्म ले चुका है, उन सबका मरण तो होना ही निश्चित है। न कोई आज तक इससे बचा है और न बचेगा ही यह हम सभी जानते हैं।

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जीने का और सम्मान से जीने का सबको अधिकार

Employees Pension Scheme 1995 को जेहन में रखकर कहा-जीने का और सम्मान से जीने का सबको अधिकार है। हम पेंशनर्स ने क्या गुनाह किया है कि हमारा अपना परिवार और अपनी सरकार हमारी सुनती नहीं,उपेक्षा करती है, जबकि हम अपनी कमाई का भाग जिसे भविष्य की सुरक्षा के लिए जमा कर रखा था, उसे देने से टालमटोल की जा रही है?

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जबकि हम कोई भी अतिरिक्त भार किसी को देना नहीं चाहते हैं। उसी अल्प आय में संतोष कर जीवन के आखरी पलों को गुजारना चाहते हैं। किसी से कुछ लेना या दूसरे की हकमारी भी नहीं चाहते हैं।

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हमें लड़ना फिर भी पड़ रहा है। वह भी लगातार एक दशक से। यह कोई छोटी बात नहीं कि इसके लिए हम हिंसा ठगी और अराजक नहीं होना चाहते…।

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सक्रिय राजनीति करने वालों को संदेश

महाराष्ट्र विधानसभा सभा के चुनाव में पहली दफा हम यह सक्रिय राजनीति करने वालों को संदेश देना चाहते हैं कि हम उन्हें ही अपना वोट देंगे जो हमारी मांग की ओर दृष्टिपात करना चाहते हैं। जो हम बुजुर्गों का काम करेगा, वही देश पर राज भी कर सकेगा।

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कमांडर अशोक राउत के जज्बे को सलाम

उन्होंने कहा-कमांडर अशोक राउत को सलाम जिसने इतने धैर्य से सम्पूर्ण देश को हम EPS 95 के पेंशनर्स की उचित मांग को राष्ट्रीय स्तर पर हाईलाइट कर आन्दोलन के माध्यम से भारत के आन्दोलन जीवियों को बताने की कोशिश की है कि हमें अपनी मांग को एक लोकतांत्रिक सरकार और समाज के समक्ष कैसे रखना चाहिए।

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अंत में वह करते हैं कि हम ने जो मिशाल कायम की है उसकी सफलता में कोई संदेह नहीं करना है और न कोई अफसोस ही करना चाहिए। हमारे संघर्ष का सुखद परिणाम बहुत शीघ्र ही आपके समक्ष दिखाई देने वाला है। जय हिन्द…!

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