विविध ख़बरें

SAIL प्रबंधन के इस दांव में फंसी NJCS, आपस में ही झगड़ा, इंटक ने बायोमेट्रिक सिस्टम पर CITU को रगड़ा

इंटक महासचिव वंश बहादुर सिंह ने कहा-भिलाई मे वर्क्स एवं नॉन वर्क्स एरिया में एक साथ बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लगने का ठीकरा सीटू अन्य यूनियनों पर फोड़ रहा।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। केंद्रीय मुख्य श्रमायुक्त कार्यालय में सेल प्रबंधन और एनजेसीएस यूनियनों के बीच विवाद का दायरा बढ़ रहा है। अब एनजेसीएस यूनियनों में ही बयानबाजी तेज हो गई है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें: 25 लाख रिश्वत लेने पर East Coast Railway Visakhapatnam के DRM को CBI ने किया गिरफ्तार, 87 लाख कैश, 72 लाख के आभूषण बरामद

इंटक महासचिव वंश बहादुर सिंह ने कहा कि भिलाई मे वर्क्स एवं नॉन वर्क्स एरिया में एक साथ बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू होने के बाद सीटू यूनियन इसका ठीकरा अन्य यूनियनो पर फोड़ना चाहती हैं, जबकि हकीकत यह है कि भिलाई में सीटू के पहले कार्यकाल मे बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया।

ये खबर भी पढ़ें: पीके सरकार बने सेलम स्टील प्लांट के ईडी, भिलाई डिप्लोमा इंजीनियर्स ने मिलकर ये कहा

भिलाई में 18 मार्च 2015 से इस्पात भवन में बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू हुआ, उस समय सीटू यूनियन मान्यता में थी। निश्चित रूप से प्रबंधन ने सीटू से सहमति लेकर ही बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया होगा और यदि सीटू से सहमति लेकर नहीं लगाया तो सीटू ने विरोध क्यों नहीं किया?

ये खबर भी पढ़ें: पीके सरकार बने सेलम स्टील प्लांट के ईडी, भिलाई डिप्लोमा इंजीनियर्स ने मिलकर ये कहा

उसी समय से ही महीने में 9 दिन तक 15 मिनट तक देर से आने का नियम प्रबंधन ने बनाया, जबकि यह एक्ट का उल्लंघन है। कर्मचारी पूरे महीने भर ड्यूटी शुरू होने के 15 मिनट बाद तक आ सकता है।

ये खबर भी पढ़ें: पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 46 किलो गांजा पकड़ाया, 9 लाख कीमत

वंश बहादुर सिंह ने कहा-सीटू यूनियन बायोमेट्रिक के समर्थन में इस कद्र आ गया था कि उसे प्रबंधन द्वारा एक्ट का उल्लंघन किया जाना भी दिखाई नहीं दे रहा। उसके नेता अक्सर शॉप फ्लोर में कहते थे कि इस्पात भवन में लोग पूरी ड्यूटी नहीं करते हैं। इसलिए बायोमेट्रिक जरूरी है।

ये खबर भी पढ़ें: भिलाई स्टील प्लांट में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की जीएम, दुनिया की सबसे लंबी रेल पटरी बनते देखा

सीटू को लगता था कि इस तरह के बयान देने से उसे चुनावी फायदा होगा। बाद में बायोमेट्रिक का दायरा बढ़ते हुए पूरे नॉन वर्क एरिया में फैल गया। सीटू के नेता उस समय कभी भी बायोमेट्रिक का विरोध नहीं किए। ना ही परिवाद दायर किए, जबकि इंटक यूनियन ने बायोमेट्रिक के खिलाफ में 2015 में परिवाद दायर किया था।

ये खबर भी पढ़ें: BSL OA ने ED सीआर महापात्रा, अनिल कुमार, एमपी सिंह और BSP के ईडी ऑपरेशन राकेश कुमार को दी बधाई, देखिए फोटो

अब जब बायोमेट्रिक सिस्टम सेल के अधिकांश इकाइयों में लागू होते हुए भिलाई में भी लागू हुआ तो सीटू के नेता अन्य यूनियनों पर इसका ठीकरा फोड़ना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से अब उन्हें ज्यादा चुनावी फायदा होगा। लेकिन कर्मचारी अब जागरूक हो गए हैं। उन्हें मालूम है कि बायोमेट्रिक के मुद्दे पर सीटू अब ज्यादा गुमराह नहीं कर सकता।

ये खबर भी पढ़ें: भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी ने 45 मिनट में की 10 किलोमीटर की दौड़, जीता अवॉर्ड

इंटक ने बताया श्रमायुक्त कार्यालय में क्या था विवाद

सीटू ने बयान जारी कर कहा कि प्रबंधन के कहने पर चार यूनियन नेता साइन किए। यह पूरी तरह से झूठा बयान है। सीटू गलत बयानबाजी कर कर्मचारियों को गुमराह ना करे। हकीकत तो यह है कि पहले जो ड्राफ्ट आया था, उस पर प्रबंधन ने साइन कर दिया।

ये खबर भी पढ़ें: झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भीषण आग, प्रधानमंत्री ने किया शोक व्यक्त

लेकिन यूनियनों ने साइन करने से मना कर दिया और बाद में उसमें कई पॉइंट जुड़वाया गया, उसके बाद भी सीटू नेता 2 पॉइंट और जोड़ने की बात करने लगे और बोले कि यदि इस पॉइंट को नहीं जोड़ा गया तो साइन नहीं करूंगा। उनके इस रवैये पर आरएलसी ने भी नाराजगी व्यक्ति की।

ये खबर भी पढ़ें: SAIL ED: भिलाई स्टील प्लांट के अनीश सेन गुप्ता, एसके गजभिए, डॉ. रवींद्र नाथ और पीके सरकार को DIC ने सौंपा प्रमोशन ऑर्डर

क्या सीटू सिर्फ विवाद बनाए रखना चाहता है

इंटक महासचिव वंश बहादुर सिंह ने कहा-एनजेसीएस में शामिल पांचों यूनियन में क्या सीटू ही कर्मचारियों की हितैषी है? क्या बाकी अन्य यूनियन कर्मचारी हितैसी नहीं है? सीटू को आत्म आकलन करना चाहिए कि अन्य यूनियने सीटू का क्यों साथ छोड़ देते हैं।

 ये खबर भी पढ़ें: ईपीएस 95 उच्च पेंशन पर मद्रास हाईकोर्ट का फैसला, पढ़िए डिटेल

हकीकत यह है कि अन्य यूनियनों को जब यह लगने लगता है कि सीटू अब चुनावी फायदे के हिसाब से बात कर रहा है, तभी उसका विरोध होता है। चीफ लेबर कमिश्नर के कार्यालय में हुई मीटिंग में भी लगभग यही हुआ। बड़े मुद्दों के समाधान की तरफ बात बढ़ रही थी, लेकिन कुछ अन्य मुद्दे डालकर विवाद पैदा कर दिया गया। जबकि आगे एनजेसीएस की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा किया जा सकता था।

ये खबर भी पढ़ें: SAIL ED: भिलाई स्टील प्लांट के अनीश सेन गुप्ता, एसके गजभिए, डॉ. रवींद्र नाथ और पीके सरकार को DIC ने सौंपा प्रमोशन ऑर्डर

The post SAIL प्रबंधन के इस दांव में फंसी NJCS, आपस में ही झगड़ा, इंटक ने बायोमेट्रिक सिस्टम पर CITU को रगड़ा appeared first on Suchnaji.

Related Articles

Back to top button