Nasa Ingenuity now works as a weather station on mars details

पहली बार वैज्ञानिकों ने दूसरे ग्रह पर किसी हेलीकॉप्टर की जांच की है। Nasa JPL के Ingenuity मिशन मैनेजरों का कहना है कि हेलीकॉप्टर को लाल ग्रह (Red Planet) पर दूसरा जीवन मिल सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि हेलीकॉप्टर के बैटरी सेंसर काम कर रहे हैं और यह हेलीकॉप्टर अब एक तरह के मौसम स्टेशन (Weather Station) के रूप में काम करना जारी रखेगा। यह टेलीमेट्री रिकॉर्ड करेगा। हर एक सोल की तस्वीरें लेगा और उन्हें बोर्ड पर स्टोर करेगा।
नासा जेपीएल ने Ingenuity हादसे की जांच में कई महीने लगाए हैं। पता चला है कि मंगल ग्रह की सतह की बनावट ऐसी है कि उसके बारे में हेलीकॉप्टर की नेविगेशन प्रणाली को बहुत कम पता था। नासा ने अपनी जांच खत्म कर दी है। वह किसी निर्णायक नतीजे पर नहीं पहुंची है, क्योंकि क्रैश साइट धरती से बहुत दूर मंगल पर है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हादसे वाली जगह पृथ्वी से 16 करोड़ किलोमीटर दूर है। वहां कोई ब्लैक बॉक्स नहीं है। कोई आई विटनेस नहीं है।
इन्जनूअटी हेलीकॉप्टर जब मंगल ग्रह पर उड़ान भरता था तो वह पर्सवेरेंस रोवर के साथ कम्युनिकेट करता था। इमरजेंसी लैंडिंग के बाद जो तस्वीर वैज्ञानिकों को मिली, उससे पता चला कि इन्जनूअटी के चारों ब्लेड को नुकसान पहुंचा है। नासा ने इन्जनूअटी हेलीकॉप्टर को लिमिटेड टाइम के लिए मंगल ग्रह पर उड़ान भरने के मकसद से रवाना किया गया था। हेलीकॉप्टर ने अपना लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिया था।
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