छत्तीसगढ़रायपुर

दुर्ग जिले में आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए 16 ग्राम पंचायतों में आश्रय स्थल का गठन

मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं को हटाने के लिए जॉइंट टास्क फोर्स का गठन

पशु चिकित्सा, राजस्व एवं पंचायत विभागों का संयुक्त समन्वय

गौशालाओं की क्षमता वृद्धि एवं नए आश्रय स्थलों की व्यवस्था पर निर्देश

       दुर्ग। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग कुमार दुबे ने जिला पंचायत सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर संबंधित विभागों को निर्देश जारी किये। बैठक में सड़क किनारे आवारा पशुओं के बैठने, गौशाला एवं शासकीय भूमि के समतलीकरण हेतु 16 ग्राम पंचायत का चयन किया गया है। दुर्ग ब्लाक में ग्राम पंचायत ननकट्टी, जेवरा चंदखुरी, कोल्हापुरी, खपरी (सी), धमधा ब्लाक में मुरमुंदा, मुर्रा, नंदनी-ख़ुंदनी, पथरिया, कोड़िया, लिटिया, बरहापुर और पाटन ब्लाक में महुदा, किकिर मेटा, मर्रा, केसरा के ग्राम पंचायतों में आवांरा पशुओं को रखने की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
       बैठक में सीईओ ने कहा कि मुख्य मार्गों पर बैठने वाले पशुओं को हटाने के लिए जनपद स्तर पर जॉइंट टास्क फोर्स का गठन किया गया जाए जिसमें पशु चिकित्सा विभाग, राजस्व विभाग एवं पंचायत विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से सम्मिलित होंगे। जनपद की टीम में करारोपण अधिकारी विकास विस्तार अधिकारी के नेतृत्व में  सचिव, रोजगार सहायक, मेट को आदेशित किया गया है कि वे पशु चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय करते हुए कार्य करें। मुख्य मार्ग के निकट पशुओं के आश्रय स्थल बनाए जाने तथा रख-रखाव की निगरानी की व्यवस्था, कांजी हाउस, गौशालाओं की क्षमता वृद्धि करने और अतिरिक्त गौशालाओं को आवश्यकता के आधार पर आकलन के अनुसार गौशाला में व्यवस्था किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में पालतू पशुओं के मालिक की जिम्मेदारी तय किए जाने तथा मापदंड प्रावधान प्रस्ताव की जानकारी दी गई। बैठक में जनपद पंचायत पाटन एवं धमधा उपसंचालक पशु एवं सेवा विभाग, कार्यक्रम अधिकारी एवं अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

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