आगरा कैंट स्टेशन मारपीट मामला: DSS से कथित मारपीट के बाद 4 RPF जवान निलंबित, जांच समिति गठित

आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात को हुई एक अप्रिय घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेशन परिसर में ड्यूटी कर रहे DSS (District Security Service) के जवानों और रेलवे पुलिस बल (RPF) के चार जवानों के बीच हुए विवाद के बाद कथित तौर पर मारपीट हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों में हड़कंप मच गया और उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए।
यह घटना उस समय हुई जब DSS के जवान नियमित सुरक्षा जांच में जुटे थे। आरपीएफ के कुछ जवानों से उनकी किसी बात को लेकर बहस हो गई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों में काफी देर तक कहासुनी और धक्का-मुक्की चलती रही, जिससे स्टेशन पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ यात्रियों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिसके चलते प्रकरण ने तूल पकड़ लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार आरपीएफ जवानों को निलंबित कर दिया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि प्रथम दृष्टया आरपीएफ के जवानों की गलती सामने आई है, मगर पूरे इसके पीछे की सच्चाई जानने के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन कर दिया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि घटना की हर पहलू से जांच करके अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपे।
रेलवे प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “हम घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निष्पक्ष जांच से जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
इस पूरे घटनाक्रम से यात्रियों और आमजन में काफी नाराजगी देखी गई। स्टेशन परिसर में सुरक्षा के हालात को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि जब सुरक्षा बल आपस में ही भिड़ेंगे तो यात्रियों की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा? कई यात्री प्रतिनिधियों ने भी रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
दूसरी ओर, आरपीएफ के जवानों का कहना है कि इस घटना में उनका पक्ष भी सुना जाए। कुछ जवानों ने दावा किया कि बहस की शुरुआत DSS के एक सदस्य की आपत्तिजनक भाषा से हुई थी। फिलहाल जांच के निष्कर्ष आने तक सभी संबंधित जवानों को ड्यूटी से हटा दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं।
आगामी दिनों में जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और रेलवे प्रशासन पर भरोसा रखें। यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक सीख के रूप में भी देखी जा रही है।



