
जयपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हमला किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना 15 जून 2026 को शहीद स्मारक पर हुई, जहां दिपके अपने समर्थकों के साथ विभिन्न छात्र और युवा मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन NEET परीक्षा से जुड़े विवाद, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान जब समर्थक अभिजीत दिपके को अपने कंधों पर बैठाकर सभा स्थल की ओर ले जा रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अचानक उनके गले में डाला गया अंगोछा खींच लिया और कथित तौर पर उन पर थप्पड़ों से हमला कर दिया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दिपके के समर्थकों ने हमलावरों को पकड़ लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप करते हुए संबंधित लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
हमले के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शारीरिक हमला डर और कायरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे। दिपके ने खुद को महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का अनुयायी बताते हुए कहा कि वे युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेंगे।
दिपके ने हमले के पीछे कुछ वैचारिक समूहों से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मीडिया में सामने आए एक वीडियो में एक आरोपी ने दावा किया कि उसका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है और वह खुद को राष्ट्रवादी मानता है।
इस घटना की विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने निंदा की है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया समेत कई नेताओं ने लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े वीडियो फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था तथा लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को लेकर बहस छेड़ दी है।



