केरल में सत्ता परिवर्तन के बाद भी मुख्यमंत्री चेहरे पर सस्पेंस कायम

तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में इस बार जनता ने बदलाव के पक्ष में ऐतिहासिक जनादेश दिया है। 2026 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने प्रचंड जीत दर्ज करते हुए 140 में से 102 सीटों पर कब्जा जमाया, जो वर्ष 1977 के बाद गठबंधन की सबसे बड़ी चुनावी सफलता मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें जीतकर अपनी मजबूत वापसी का संकेत दिया है, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) महज 35 सीटों तक सिमट गया।
चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने हार स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद अब पूरे राज्य की नजर नए मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हुई है। हालांकि जनादेश आए आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक UDF ने आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा नहीं की है।
राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन और रमेश चेन्निथला के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं। दोनों नेताओं को संगठन और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर मजबूत दावेदार माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की संभावना थी, लेकिन सोनिया गांधी के स्वास्थ्य परीक्षण के चलते अंतिम निर्णय में थोड़ी देरी हो गई।
फिलहाल केरल में राजनीतिक उत्सुकता अपने चरम पर है। समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर UDF की ऐतिहासिक जीत का नेतृत्व अब किस चेहरे के हाथों में सौंपा जाएगा। माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान जल्द ही अंतिम फैसला लेकर नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकता है।
केरल की राजनीति में यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है।



