जांजगीर: अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी

जांजगीर : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के कोसा गांव में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को मुल्मुला पुलिस और एसआईटी (SIT) की टीम ने सुलझा लिया है. पुलिस ने अमित भंडारी नाम के युवक की हत्या के आरोप में उसकी पूर्व प्रेमिका संतोषी सिंह और उसके दो भाइयों बजरंग सिंह व पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया है.
मिली जानकारी के अनुसार, 27 जून की रात अमित भंडारी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसके बाद 29 जून को उसका शव कोसा गांव के एक खेत में बरामद हुआ. परिजनों ने मृतक की विवाहित प्रेमिका पर हत्या की आशंका जताई थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने एएसपी डॉ. युलंदन यार्क के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया.
जांच के दौरान बिलासपुर से बुलाए गए ‘विमला’ नामक ट्रैकर डॉग ने मामले में अहम सुराग दिया. स्निफर डॉग घटनास्थल से सीधे संतोषी के घर के पीछे पहुंचा, जहां दीवार पर खून के निशान पाए गए. इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक जांच का सहारा लेते हुए आरोपी महिला संतोषी का ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट कराया, जिससे पूरी वारदात का सच सामने आ गया.
पूछताछ में खुलासा हुआ कि शादी के बाद भी संतोषी और अमित का प्रेम प्रसंग जारी था. 27 जून की देर रात अमित अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था. इसी दौरान संतोषी के भाई बजरंग सिंह ने दोनों को एक साथ देख लिया. इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई और धक्का-मुक्की में अमित का सिर दीवार से टकरा गया.
भागने की कोशिश कर रहे अमित पर बजरंग ने फावड़े से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
वारदात के बाद आरोपियों ने शव को पहले झाड़ियों में छुपाया और अगली रात दोनों भाइयों ने मिलकर शव को खेत में फेंक दिया. शातिर आरोपी बजरंग पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक के भाई के साथ खुद ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा था.
हालांकि, एसआईटी की सटीक जांच और फॉरेंसिक सबूतों के आगे आरोपियों की चालाकी काम न आ सकी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है और उत्कृष्ट कार्य करने वाली जांच टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है.



