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अब बदलेगी बोरई की तस्वीर: कमार समुदाय को मिला विकास का बड़ा तोहफा, अंतर्राज्यीय व्यापार को नई रफ्तार

       रायपुरछत्तीसगढ़ ​प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध धमतरी जिला आज छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास का एक सशक्त मॉडल बनकर उभरा है। राज्य शासन एवं भारत सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) ‘कमार’ समुदाय के समग्र विकास, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और स्थायी आजीविका के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं से लेकर आधुनिक आजीविका परिसरों तक, धमतरी जिले के दूरस्थ अंचलों में बदलाव की एक नई तस्वीर साफ नजर आ रही है।

आजीविका और स्वरोजगार

7 क्षेत्रों में बनेंगे आधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

       ​कमार समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक गतिविधियों से सीधे जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले के 7 प्रमुख स्थानों बेलरगांव, कसपुर, बोरई, कुकरेल, सिंगपुर, दुगली एवं केरेगांव में आधुनिक व्यावसायिक परिसरो का निर्माण कराया जा रहा है। इन परिसरों में कमार समुदाय के हितग्राही अपनी रुचि और आवश्यकतानुसार दुकानें संचालित कर सकेंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को धरातल पर मजबूती मिलेगी।

अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन का नया हब

       ​छत्तीसगढ़, ओडिशा और कांकेर जिले के संपर्क बिंदु पर स्थित बोरई को एक बड़े व्यापारिक और परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। शासन को प्रेषित प्रस्ताव के अनुसार, स्थल चयन पूर्ण हो चुका है। टर्मिनल के साथ व्यावसायिक परिसर भी विकसित होगा, जिससे स्थानीय जनजातीय युवाओं को व्यापार के नए अवसर मिलेंगे और पर्यटन व यातायात को गति मिलेगी।

देश की दूसरी और छत्तीसगढ़ की पहली ‘पीएम-जनमन’ आवास कॉलोनी

       ​धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा के आश्रित गाँव मसानडबरा ने पूरे देश में एक नई नजीर पेश की है। यहाँ कमार जनजाति के लिए विशेष पक्के मकान बनाए गए हैं। निर्माण में कमार समुदाय की पारंपरिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं का पूरा ध्यान रखा गया है। इस कॉलोनी को ‘पी.एम. सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ के तहत आच्छादित किया जा रहा है, जिससे ये आवास सौर ऊर्जा से जगमग होंगे।

       धमतरी जिले में जनजातीय विकास केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर भी तेज़ी से आकार ले रहा है। बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं के विस्तार पर नज़र डालें तो शैक्षणिक उन्नयन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए वर्तमान में संचालित कमार विद्यालय को कक्षा 10 वीं से 12 वीं तक उच्चीकृत करने की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है, ताकि यहाँ के बच्चों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही, दूरस्थ अंचलों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए नगरी ब्लॉक के बाजार कुर्रीडीह में 50-सीटर बालक छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे आगामी जनवरी तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
​आवास की दिशा में पीएम-जनमन आवास योजना के अंतर्गत जिले में स्वीकृत कुल 1,481 पक्के मकानों में से 1,046 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 435 आवासों को भी शीघ्रता से अंतिम रूप दिया जा रहा है। आवागमन को सुगम बनाकर सुदूर अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 1,341.60 लाख रुपये की लागत से 36 नई सड़कों का निर्माण प्रगति पर है। जीवन की मौलिक आवश्यकताओं को पूरा करते हुए जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत घरों में नल से जल पहुँचा दिया गया है और सभी बसाहटों का पूर्ण विद्युतीकरण भी कर लिया गया है। इस समन्वित प्रयास का ही परिणाम है कि आज जिले की 133 जनजातीय बसाहटों में बुनियादी सुविधाओं एवं त्वरित गतिविधियों की शत-प्रतिशत संतृप्ति हासिल की जा चुकी है।

बहुउद्देशीय केंद्र और मॉडल बसाहटें

​      नगरी ब्लॉक के बोईरगांव में निर्मित बहुउद्देशीय केंद्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और शासकीय मार्गदर्शन का मुख्य बिंदु बन चुका है। वहीं पिपरहीभर्री गाँव में एकीकृत योजना के तहत प्राकृतिक संसाधनों (लघुवनोपज) के टिकाऊ प्रबंधन और आजीविका की मैपिंग की गई है।

राष्ट्रपति पुरस्कार से बढ़ा गौरव

       ​पीएम-जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए धमतरी जिले को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, जो जिले की प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

       ​कलेक्टर ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। हमारा उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए प्राप्त राष्ट्रपति पुरस्कार हमारी पूरी टीम और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों का सुखद परिणाम है।

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