सिलीगुड़ी मंच से राष्ट्रपति मुर्मू का संकेत, ममता बनर्जी को मिला संदेश

🚨 Rare Presidential roast!
Droupadi Murmu slams Mamata govt: No proper venue for Santhal tribal conference.“Is Didi angry with me?”#TMC #MamataBanerjee #WestBengal pic.twitter.com/uQTFR5rgmb
— The Alternate Media (@AlternateMediaX) March 7, 2026
सिलीगुड़ी/पश्चिम बंगाल। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित 9वें इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य प्रशासन की व्यवस्थाओं पर नाराज़गी जाहिर की। कार्यक्रम में अपेक्षा से कम लोगों की मौजूदगी और प्रोटोकॉल के मुताबिक राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त की।
यह सम्मेलन मूल रूप से सिलीगुड़ी के बिधाननगर में प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोंसाईपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी गई, जिससे राष्ट्रपति ने अपनी चिंता व्यक्त की।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा,
“संथालों को कौन रोकने की कोशिश कर रहा है? कौन नहीं चाहता कि संथाल एक हों और पढ़े-लिखे हों?”
उन्होंने अपने वक्तव्य के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा,
“किसी वजह से वह मुझसे नाराज़ होंगी। वह मेरी छोटी बहन हैं।”
बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति के राज्य दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री या राज्य सरकार के किसी वरिष्ठ मंत्री की उपस्थिति अपेक्षित होती है, लेकिन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या राज्य सरकार का कोई प्रमुख मंत्री मौजूद नहीं था। इसी वजह से राष्ट्रपति ने अप्रत्यक्ष रूप से नाराज़गी जाहिर की।
यह कार्यक्रम संथाल समुदाय की संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए संथाल समाज के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।
राजनीतिक हलकों में इस घटना के बाद चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि राष्ट्रपति द्वारा सार्वजनिक मंच से राज्य प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाना एक अहम संकेत माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में राज्य सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।



