रिसर्च की गुणवत्ता बढ़ाने पर बड़ा फोकस: श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित हुई विशेष कार्यशाला

भिलाई। स्थानीय श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मेसी विभाग के द्वारा दो दिवसीय ‘अनुसंधान उत्कृष्टता और साहित्य समीक्षा’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।विश्वविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ इकाई के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में 65 शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का शुभारंभ विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ. संदीप कुमार श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. स्मिता सेलेट ने की।
कुलपति डॉ. श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में अनुसंधान केवल नई जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज, उद्योग और शिक्षा की जटिल समस्याओं के समाधान का आधार भी है। गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए आवश्यक है कि शोधकर्ता अपने विषय पर उपलब्ध पूर्ववती अध्ययनों का गहन एवं वैज्ञानिक विश्लेषण करें। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए व्यवस्थित साहित्य समीक्षा पर यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
इस अवसर पर डॉ. स्मिता सेलट ने कहा कि व्यवस्थित साहित्य समीक्षा एक ऐसी वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से किसी विशिष्ट शोध प्रश्न से संबंधित उपलब्ध शोध पत्रों, पुस्तकों, रिपोर्टो तथा अन्य विश्वसनीय स्त्रोतों का क्रमबद्ध तरीके से संग्रह, चयन मूल्यांकन और विश्लेषण किया जाता है।कार्यशाला के मुख्यवक्ता डा. साकेत जेसवानी ने अपने आधार वक्तव्य में विषय की मूल अवधारणा, शोध प्रश्नों का निर्माण, साहित्य खोज की विधियों, डेटा निष्कर्ष एवं साक्ष्य संश्लेषण, वैज्ञानिक शोध पत्र लेखन पर विस्तार से चर्चा की।
प्राचार्य डा. गुंजन जेसवानी ने कार्यशाला के समापन पर कहा कि व्यवस्थित साहित्य समीक्षा केवल साहित्य का संकलन नहीं है बल्कि ज्ञान के वैज्ञानिक मूल्यांकन की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है। यह अनुसंधान को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावशाली बनाती है।कार्यशाला में विश्वविद्यालय के डायरेक्टर विकास डॉ. सुशील चन्द्र तिवारी, डीन डॉ वैभव तिवारी, विभागाध्यक्ष आशिष पांडेय ने भी मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला में शोधार्थियो के साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षको ने भी हिस्सा लिया।