इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमिता को लेकर छात्र आंदोलनरत

खैरागढ़। अध्ययन सामनों की कमा को इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के संगीत संकाय से शुरु हुआ छात्र आंदोलन ने अब पंख पसार लिये हैं और यह आंदोलन अब विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितता और कुलपति को हटाने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय की दहलीज पर आ पहुंचा है जहां मानमनौव्वल के बावजूद छात्र टस से मस नहीं हो रहे और मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गये हैं। आंदोलनरत छात्र विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ नारेबाजी कर उन्हे हटाने की मांग कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को विश्वविद्यालयप्रबंधन के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने संगीत संकाय में पर्याप्त संख्या में वाद्य यंत्र उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा उठाया। छात्रों का कहना है कि संगीत की पढ़ाई और अभ्यास के लिए जरूरी संसाधनों की कमी से उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। इसके अलावा छात्रों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में संगीत संकाय के विद्यार्थियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का भी आरोप लगाया।
छात्रों ने संगीत संकाय के अधिष्ठाता नमन दत्त को हटाकर मानस साहू को जिम्मेदारी दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि मानस साहू को संगीत विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं है। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने रिजल्ट और अन्य दस्तावेजों में लगातार गड़बडिय़ों की शिकायत भी की। छात्रों का आरोप है कि दस्तावेजों में सुधार कराने के लिए उनसे पैसे की मांग की जाती है। विद्यार्थियों के मुताबिक, उन्होंने इन समस्याओं को लेकर कई दिनों से विश्वविद्यालय प्रबंधन से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं होने पर उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा।छात्र आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार वेंकट आर. गुड़े और संगीत संकाय के अधिष्ठाता मानस साहू मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों को लिखित रूप में देने के लिए कहा। हालांकि, छात्रों ने इसके बाद भी मुख्य द्वार पर अपना धरना जारी रखा।



